जलालाबाद–शाहजहांपुर| रोड पर फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार की भारी लापरवाही सामने आई है। हाईवे के किनारे लगे पेड़ों की कटाई के दौरान पेड़ों को सीधे सड़क पर गिराकर काटा गया, जिससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
बताया जा रहा है कि पेड़ कटान का कार्य बिना किसी ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों के किया जा रहा था। ठेकेदार की मनमानी के चलते पेड़ सीधे हाईवे पर गिराए गए, जिसके बाद उन्हें वहीं काटने का काम घंटों तक चलता रहा।
इस दौरान हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई घंटे तक वाहन रेंगते रहे, जबकि कई वाहन पूरी तरह जाम में फंसे रहे। खासकर बस यात्रियों, एंबुलेंस और दूर-दराज जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पेड़ कटान का कार्य तय समय और ट्रैफिक को डायवर्ट कर किया जाता, तो जाम जैसी स्थिति नहीं बनती। लेकिन ठेकेदार ने न तो पुलिस की मदद ली और न ही यातायात को नियंत्रित करने के लिए कोई व्यवस्था की।
जाम के कारण स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को भी दिक्कत हुई। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से दो से तीन घंटे अधिक समय लगा।
हाईवे पर फंसे वाहन चालकों में नाराजगी देखने को मिली। कुछ लोगों ने मौके पर ही ठेकेदार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और सवाल उठाया कि आखिर बिना अनुमति और तैयारी के हाईवे पर इस तरह काम कैसे किया जा सकता है।
सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह जाम को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी और पेड़ कटान का काम लगभग पूरा हो चुका था।
स्थानीय प्रशासन से लोगों ने मांग की है कि फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान इस तरह की लापरवाही करने वाले ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में आम जनता को इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।
फिलहाल यातायात सामान्य कर दिया गया है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर हाईवे निर्माण कार्यों में सुरक्षा और योजना की पोल खोल दी है। लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर जनता को परेशान करना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।


