फर्रुखाबाद। सुबह जनपद में गहरी कोहरे की चादर छाई रही। दृश्यता बेहद कम होने से आम जनजीवन प्रभावित रहा। दोपहर में कुछ देर के लिए हल्की धूप निकलने से मौसम कुछ सुहाना हुआ, लेकिन शाम होते-होते भगवान भास्कर के फिर आंखें मूंद लेने से ठंड एक बार फिर सुर्ख हो गई। दिनभर मौसम के इस उतार-चढ़ाव ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया।
बीते एक सप्ताह से ठंड ने विकराल रूप धारण कर रखा है। रात से ही जनपद घने कोहरे की आगोश में रहा, जिससे सड़कों पर वाहन रेंग-रेंगकर चलते नजर आए। हालात यह रहे कि कुछ कदम की दूरी पर भी कुछ साफ दिखाई नहीं दे रहा था। वाहन चालकों को मजबूरन हेडलाइट और फॉग लैंप जलाकर सफर करना पड़ा।
कोहरे का असर वाहनों पर भी साफ दिखा। कारों, ट्रकों और बसों के शीशों पर कोहरे की मोटी परत जम गई, जिससे बार-बार शीशे साफ करने पड़ रहे थे। जिन वाहनों में हीटर की सुविधा थी, वहां यात्रियों को कुछ राहत मिली, लेकिन हीटर रहित वाहनों में सफर करने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सूर्यदेव के दर्शन कम होने के चलते ठंड का प्रकोप चरम पर पहुंच गया। शहर में जगह-जगह अलाव जलते नजर आए, जिनके सहारे लोग ठंड से बचने की कोशिश करते रहे। बर्फीली हवाओं के बीच पैदल चलना भी कठिन हो गया था। अलाव से कुछ देर राहत जरूर मिली, लेकिन दूर होते ही हाथ-पांव सुन्न पड़ने लगे।
ठंड का असर बाजारों पर भी साफ दिखाई दिया। दिनभर ग्राहकों की संख्या कम रही, जिससे देर शाम तक अधिकतर दुकानें बंद हो गईं। वहीं आज सुबह बाजार भी देर से खुले। दफ्तरों और बाजारों में लोग चाय-कॉफी की चुस्कियों के सहारे खुद को गर्म रखने की कोशिश करते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार अभी ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं।

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