नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि ने यूपीएसआरटीसी एमडी से की मुलाकात, नगरवासियों को मिली उम्मीद
शमशाबाद (फर्रुखाबाद): परिवहन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते शमशाबाद (Shamshabad) में अंतिम सांसें गिन रहा सरकारी बस स्टॉप (bus stand) अब एक बार फिर चर्चा में आ गया है। नगरवासियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को देखते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष जोया शाह फारूखी के प्रतिनिधि नदीम अहमद फारूकी ने उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के प्रबंध निदेशक से मुलाकात कर शमशाबाद बस अड्डे के जीर्णोद्धार एवं सौंदरीकरण की मांग उठाई। मुलाकात के दौरान प्रबंध निदेशक ने बस अड्डे के जीर्णोद्धार का आश्वासन दिया है।
कभी खुशहाली का प्रतीक था बस स्टॉप
जानकारी के अनुसार शमशाबाद नगर के मोहल्ला गढ़ी में स्थित सरकारी बस स्टॉप का जब उद्घाटन हुआ था, तब नगरवासियों में काफी खुशी का माहौल था। उस समय यहां से फतेहगढ़, कायमगंज, अलीगंज, धूमरी, जैथरा, एटा सहित दिल्ली आनंद विहार तक की बसों का नियमित संचालन होता था, जिससे आम जनता को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलती थी।
लापरवाही से बिगड़े हालात
अफसोस की बात यह रही कि जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते बस स्टॉप की अनदेखी होती चली गई। समय के साथ यहां से बसों की संख्या लगातार घटती गई। हालात यह हो गए कि एक समय जिला मुख्यालय तक जाने वाली सरकारी बसें बंद हो गईं। वर्तमान में केवल एक-दो बसें ही थाना चौराहे से आवागमन कर रही हैं, जबकि बस अड्डा खुद बदहाली का शिकार बना हुआ है।
डग्गामार वाहनों को मिला बढ़ावा
बस अड्डे की बदहाली का सीधा फायदा डग्गामार वाहन संचालकों ने उठाया। नगर क्षेत्र की लगभग 40 हजार से अधिक आबादी—जिसमें गरीब मजदूर, किसान, छात्र-छात्राएं, अधिवक्ता, व्यापारी तथा सरकारी व गैर-सरकारी कर्मचारी शामिल हैं—को मजबूरी में निजी वाहनों से यात्रा करनी पड़ रही है। खासकर दिल्ली आनंद विहार जाने वाले यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
अनदेखी का शिकार बना बस अड्डा
नगरवासियों और समाजसेवियों द्वारा बार-बार मांग उठाए जाने के बावजूद बस अड्डे की स्थिति जस की तस बनी रही। आज हालात यह हैं कि बस अड्डा आवारा गोवंशों का अड्डा बन चुका है। बरसात के दिनों में बस अड्डे का प्रांगण तालाब में तब्दील हो जाता है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी होती है।
पहले भी दिए गए थे आश्वासन
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि नदीम अहमद फारूकी ने इससे पूर्व भी परिवहन विभाग के अधिकारियों और उत्तर प्रदेश सरकार को शिकायती पत्र भेजकर बस अड्डे के सुंदरीकरण की मांग की थी। हालांकि विभागीय अधिकारियों द्वारा आश्वासन तो दिए गए, लेकिन वे केवल कागजों तक ही सीमित रह गए।
एक बार फिर उठी आवाज
नगरवासियों की असुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नदीम अहमद फारूकी ने एक बार फिर यूपीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक से मुलाकात कर जीर्ण-शीर्ण हालात से गुजर रहे शमशाबाद बस अड्डे के सौंदरीकरण, स्थानीय बसों के साथ-साथ शमशाबाद से दिल्ली तक सीधी बस सेवा शुरू करने की मांग रखी। मुलाकात के दौरान प्रबंध निदेशक ने शमशाबाद बस अड्डे के जीर्णोद्धार और सुधार कार्य कराने का पुनः आश्वासन दिया। अब नगरवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह आश्वासन हकीकत में बदलेगा या फिर पहले की तरह फाइलों तक ही सीमित रह जाएगा।


