लखनऊ
नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और दुबग्गा पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 6.400 किलोग्राम संदिग्ध मॉर्फिन बरामद हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 32 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक पिस्टल और छह कारतूस भी बरामद किए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नशीला पदार्थ मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस बरामदगी और आरोपियों से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बाराबंकी जिले के कुर्सी थाना क्षेत्र स्थित मोहसंद टिकैतगंज गांव निवासी जुहैल (25) और अमजद (22) के रूप में हुई है। संयुक्त टीम ने दोनों को कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर बरामद मॉर्फिन कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। साथ ही, आरोपियों के संभावित संपर्कों और इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि, किसी बड़े नेटवर्क से उनके संबंध होने की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने संदिग्ध मॉर्फिन और हथियारों के अलावा 16,170 रुपये नकद तथा छह मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इसके साथ ही एक स्कूटी और हुंडई वेन्यू कार को भी जब्त किया गया है। जांच में इन वाहनों और मोबाइल फोन की अहम भूमिका हो सकती है, क्योंकि इनके माध्यम से आरोपियों की गतिविधियों और संपर्कों से संबंधित जानकारी जुटाई जा सकती है। पुलिस बरामद सामान की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित तस्करी में इनका किस प्रकार इस्तेमाल किया गया था।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस का ध्यान मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को जुटाने और संदिग्ध नशीले पदार्थ की वास्तविक प्रकृति की पुष्टि करने पर है। बरामद पदार्थ की पहचान और उसकी मात्रा की आधिकारिक जांच के साथ-साथ हथियार की वैधता तथा नकदी और वाहनों के संबंध में भी पड़ताल की जा सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि आरोपियों को यह पदार्थ किसने उपलब्ध कराया और इसकी आपूर्ति कहां की जानी थी। फिलहाल, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।


