डिप्टी सीएम का दावा—बेहतर संचालन के लिए लीज पर दिया गया केंद्र, सपा सरकार में 17 करोड़ का प्रोजेक्ट 850 करोड़ तक कैसे पहुंचा?**
लखनऊ।जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए जेपीएनआईसी को बेचने के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र को बेचने के बजाय बेहतर संचालन के उद्देश्य से लीज पर दिया गया है।
ब्रजेश पाठक ने जेपीएनआईसी परियोजना की लागत में हुई कथित बढ़ोतरी को लेकर भी समाजवादी पार्टी से जवाब मांगा। उन्होंने सवाल उठाया कि सपा सरकार के दौरान 17 करोड़ रुपये की परियोजना की लागत बढ़कर 850 करोड़ रुपये तक कैसे पहुंच गई। उन्होंने परियोजना की लागत बार-बार बढ़ाए जाने के कारणों को स्पष्ट करने की मांग की।
उपमुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर जयप्रकाश नारायण और डॉ. राममनोहर लोहिया के नाम का इस्तेमाल कर अपने कार्यकाल के कृत्यों पर पर्दा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण भ्रष्टाचार और परिवारवाद के खिलाफ थे। ऐसे में उनके नाम पर राजनीति करने वालों को अपने कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों का जवाब देना चाहिए।
जेपीएनआईसी को लेकर सत्ता पक्ष और समाजवादी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां ब्रजेश पाठक ने परियोजना की लागत और संचालन व्यवस्था पर सवाल उठाए, वहीं इस मुद्दे पर अखिलेश यादव के रुख को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
परियोजना की लागत में बढ़ोतरी, केंद्र को लीज पर देने की शर्तों और संचालन व्यवस्था से जुड़े तथ्यों पर आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है।


