नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में DTC और परिवहन विभाग (Transport Department) की बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त सफर की सुविधा का लाभ लेने के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। दिल्ली में अब तक करीब 19.18 लाख महिलाओं के पिंक स्मार्ट कार्ड बन चुके हैं। नए नियम के तहत महिलाओं को अपना पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड (Pink Saheli Card) संभालकर रखना होगा। अगर कोई महिला दो बार कार्ड खो देती है, तो उसे अगले एक साल तक नया पिंक स्मार्ट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही इस अवधि में DTC और परिवहन विभाग की बसों में मिलने वाली मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ भी नहीं मिल सकेगा।
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड को लेकर DTC और कार्ड जारी करने वाली संस्था की ओर से कुछ शर्तें लागू की गई हैं। फिलहाल यह पिंक स्मार्ट कार्ड निशुल्क जारी किया जा रहा है। पहली बार कार्ड खोने पर महिला 60 रुपये का शुल्क देकर नया पिंक स्मार्ट कार्ड बनवा सकती है। हालांकि, नया कार्ड जारी कराने से पहले पुराने कार्ड के खोने की सूचना देकर उसे ब्लॉक कराना जरूरी होगा, ताकि उसका किसी अपात्र व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल न किया जा सके। इसके बाद अगर दूसरी बार जारी किया गया पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड भी खो जाता है, तो महिला को नया कार्ड पाने के लिए एक साल तक इंतजार करना पड़ेगा। इस अवधि में उसे बसों में मिलने वाली मुफ्त यात्रा की सुविधा भी नहीं मिलेगी।
DTC के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, यह व्यवस्था पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के बार-बार खोने और उसके संभावित दुरुपयोग को रोकने के साथ ही कार्ड धारकों में इसके प्रति गंभीरता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। इसी के तहत कार्ड को दोबारा जारी करने की प्रक्रिया को नियंत्रित करने का प्रावधान किया गया है।
DTC की शर्तें
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड को लेकर डीटीसी ने कार्ड जारी करने और दोबारा बनवाने से जुड़ी शर्तें तय की हैं।
पहली बार पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड निशुल्क जारी किया जाएगा।
कार्ड खोने के बाद दोबारा बनवाने के लिए 60 रुपये शुल्क देना होगा।
दूसरी बार जारी कार्ड भी खो जाने पर तीसरी बार कार्ड बनवाने के लिए एक साल इंतजार करना पड़ेगा।
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के लिए बाहरी राज्यों की महिलाएं पात्र नहीं हैं। इसी बीच कार्ड के नाम पर कथित फर्जीवाड़े के मामले भी सामने आने लगे हैं। मंगलवार को DTC की एक बस का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिसमें कंडक्टर द्वारा कथित तौर पर ऐसे ही एक मामले का पता लगाने की बात सामने आई। वीडियो में कार्ड धारक महिला कथित तौर पर बता रही है कि उसने 250 रुपये देकर पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवाया था, जबकि वह दिल्ली की निवासी नहीं है।


