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Friday, October 2, 2026

फर्रुखाबाद की ग्राम पंचायतों में ‘वीबी-जी रामजी’ योजना को लेकर ‘रिफॉर्म उत्सव’

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– पंचायतों में बैठकों के जरिए ग्रामीणों को 125 दिन के रोजगार और विकास कार्यों की दी गई जानकारी

फर्रुखाबाद। वीबी-जी रामजी योजना के प्रचार-प्रसार एवं ग्रामीणों को योजना की जानकारी देने के उद्देश्य से जनपद की ग्राम पंचायतों में ‘रिफॉर्म उत्सव’ आयोजित किया गया। शासन के निर्देश पर आयोजित बैठकों को पीपुल्स प्लान कैंपेन से जोड़ते हुए ग्राम पंचायतों में योजना के प्रावधानों और पंचायतों की भूमिका पर चर्चा की गई।
जनपद में आयोजित कार्यक्रमों के लिए संयुक्त विकास आयुक्त कानपुर मंडल कानपुर श्री प्रवीण कुमार राय को नोडल अधिकारी नामित किया गया। वहीं ग्राम पंचायत याकूतगंज विकासखंड बढ़पुर और ग्राम पंचायत राजेपुर रठौरी विकासखंड राजेपुर में शासन स्तर से नामित नोडल अधिकारियों की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित किए गए। बैठकों में परियोजना निदेशक/उपायुक्त (श्रम रोजगार), संबंधित खंड विकास अधिकारी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, पंचायत सचिव एवं ग्रामीणों ने सहभागिता की।
प्रेस नोट के अनुसार जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में इन बैठकों का आयोजन किया गया।
बैठक में बताया गया कि वीबी-जी रामजी योजना का क्रियान्वयन देशभर में 1 जुलाई से शुरू हो चुका है और फर्रुखाबाद की ग्राम पंचायतों में भी इसका क्रियान्वयन शुरू किया गया है। योजना के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है।
बैठक में ग्रामीणों को बताया गया कि रोजगार की मांग करने के बाद निर्धारित अवधि में काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो नियमानुसार बेरोजगारी भत्ते के लिए पात्रता बन सकती है। इसी तरह मजदूरी के भुगतान में निर्धारित समय से अधिक देरी होने पर प्रावधानों के अनुसार विलंब क्षतिपूर्ति का अधिकार भी बताया गया।
बैठक में विकसित ग्राम पंचायत प्लान पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि गांव के विकास के लिए जरूरी कार्यों की प्राथमिकता ग्राम सभा के माध्यम से तय की जाएगी। ग्रामवासी यह तय करने में अपनी भूमिका निभाएंगे कि गांव में किन कार्यों की आवश्यकता है, किन कार्यों को प्राथमिकता दी जानी है और किस स्थान पर निर्माण कराया जाना है।
बैठक में कहा गया कि योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन में ग्राम सभा और ग्राम पंचायत की महत्वपूर्ण भूमिका है। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सोशल ऑडिट की व्यवस्था है, जिसमें ग्राम सभा की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
अधिकारियों ने बताया कि ग्राम पंचायतों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन का स्थान नहीं, बल्कि स्थानीय विकास का केंद्र बनाने पर जोर है। रोजगार के साथ जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत संरचना और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण जैसे कार्यों के माध्यम से गांवों के विकास को गति देने की बात कही गई।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अपनी ग्राम पंचायत को विकसित, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने में सक्रिय भागीदारी करें तथा ग्राम सभा की बैठकों में शामिल होकर गांव की विकास प्राथमिकताएं तय करने में योगदान दें।

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