यूथ इंडिया
फर्रुखाबाद। सामूहिक डांडिया-गरबा नाइट कार्यक्रमों में प्रवेश व्यवस्था को सख्त किए जाने तथा पुरुष वर्ग के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग को लेकर संगठन के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कार्यक्रमों में आधार कार्ड अथवा अन्य पहचान-पत्र की जांच के बाद ही प्रवेश दिए जाने की मांग की गई है। पदाधिकारियों का कहना है कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ स्थानों पर डांडिया-गरबा कार्यक्रमों का आयोजन व्यावसायिक रूप से किया जाता है, जिसके चलते पर्याप्त पहचान जांच के बिना लोगों को प्रवेश मिल जाता है। संगठन ने पिछले वर्षों की घटनाओं का हवाला देते हुए महिलाओं एवं युवतियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई तथा आयोजकों से प्रवेश व्यवस्था, पहचान सत्यापन और सुरक्षा प्रबंधों को प्रभावी बनाने की मांग की। लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पदाधिकारियों ने डांडिया-गरबा कार्यक्रमों को धार्मिक एवं पारंपरिक आयोजन बताते हुए प्रशासन से आयोजनों की अनुमति देने से पहले सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का आग्रह किया। इसके साथ ही रामलीला मंडलों द्वारा राम बरात शोभायात्रा में फिल्मी गीतों पर आधारित झांकियां तथा देवी-देवताओं के पात्रों द्वारा नृत्य प्रस्तुत किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई। संगठन ने ऐसे कार्यक्रमों में अश्लील अथवा आपत्तिजनक गीतों एवं प्रस्तुतियों पर रोक लगाने तथा सभी रामलीला मंडलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में रोहन मिश्रा जिला सहमंत्री, साहिल मिश्र संयोजक चिकन पटिहगढ़, योगेंद्र प्रताप सिंह जिला सह संयोजक बजरंग दल, अंज श्रीवास्तव जिला मंत्री विश्व हिंदू परिषद तथा पंकज ओझा जिला प्रचार-प्रसार प्रमुख सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।


