स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई हवा-हवाई, मरीजों को आज भी राजेपुर भेजने की मजबूरी
अमृतपुर
गंगा पार क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निरीक्षण के बाद भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) अमृतपुर का प्रसव केंद्र यानी लेबर रूम बंद पड़ा है। नतीजा यह है कि प्रसव के लिए पहुंचने वाली महिलाओं और अन्य मरीजों को उपचार के लिए राजेपुर रेफर किया जा रहा है। बुधवार को तीन मरीजों को लौटाए जाने के बाद गुरुवार को भी एक मरीज को राजेपुर भेजे जाने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बीते शनिवार जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने पीएचसी अमृतपुर का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान प्रसव केंद्र बंद मिलने और ड्यूटी पर तैनात एएनएम के अवकाश पर होने की स्थिति सामने आई थी। जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद उम्मीद जगी थी कि स्वास्थ्य विभाग तत्काल व्यवस्था दुरुस्त कराएगा और क्षेत्र की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर प्रसव की सुविधा मिलेगी, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।लेबर रूम बंद होने का सीधा असर गंगा पार क्षेत्र की गरीब और ग्रामीण आबादी पर पड़ रहा है। क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं को प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिलाओं को राजेपुर तक ले जाना पड़ रहा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त समय, किराये और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आपात स्थिति में यह व्यवस्था मरीजों के लिए और अधिक मुश्किल पैदा कर सकती है। बुधवार को पीएचसी अमृतपुर पहुंचे तीन मरीजों को वापस लौटना पड़ा। गुरुवार को भी एक मरीज को राजेपुर रेफर कर दिया गया। लगातार मरीजों के रेफर होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से लेबर रूम को शुरू कराने की ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था नहीं सुधर रही तो आम ग्रामीणों की शिकायतों पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई होती होगी।पीएचसी अमृतपुर की स्थिति ने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिलाधिकारी स्वयं स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निरीक्षण कर रहे हैं, लेकिन अधीनस्थ स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से व्यवस्था को पटरी पर लाने में लापरवाही सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रसव केंद्र चालू नहीं कराया गया तो गंगा पार क्षेत्र की महिलाओं को आगे भी इलाज के लिए राजेपुर की दौड़ लगानी पड़ेगी।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए पीएचसी अमृतपुर के लेबर रूम को तत्काल शुरू कराने और प्रसव सेवाएं नियमित कराने की मांग की है। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि जिलाधिकारी के स्पष्ट निरीक्षण के बाद भी यदि व्यवस्था नहीं सुधरी तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई कब होगी।


