फर्रुखाबाद। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत बीएड डिग्रीधारक शिक्षकों के छह माह के ब्रिज कोर्स को लेकर यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत बेसिक शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर प्रशिक्षण प्रक्रिया को सुगम बनाने की मांग की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौर और प्रदेश महामंत्री ओमजी पोरवाल की ओर से 29 सितंबर को भेजे गए पत्र में शिक्षकों के हित में तीन प्रमुख मांगें उठाई गई हैं।
यूटा के जिलाध्यक्ष पीयूष कटियार ने कहा कि बीएड योग्यताधारी शिक्षक लंबे समय से विद्यालयों में अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा और कुशलता के साथ निर्वहन कर रहे हैं। ऐसे में ब्रिज कोर्स को शिक्षकों के लिए अतिरिक्त दबाव बनाने के बजाय क्षमता संवर्धन का माध्यम बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा में निर्धारित प्रतिशत अंक लाकर उत्तीर्ण होने की अनिवार्य बाध्यता समाप्त की जाए, ताकि शिक्षक बिना मानसिक दबाव के प्रशिक्षण पूरा कर सकें।उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को जनगणना, बीएलओ ड्यूटी और अन्य सर्वेक्षण कार्यों से पूरी तरह मुक्त रखा जाना जरूरी है। इसके अलावा एनआईओएस द्वारा निर्धारित परीक्षा कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी शिक्षकों को ऑफलाइन विशेष अवकाश दिया जाए, जिससे वे प्रशिक्षण और परीक्षा पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें।जिलाध्यक्ष पीयूष कटियार ने कहा कि संगठन शिक्षकों की समस्याओं को लेकर लगातार अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रख रहा है और ब्रिज कोर्स की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए भी हर स्तर पर प्रयास किया जाएगा। यूटा ने मांग की है कि प्रशिक्षण को केवल विभागीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण के रूप में पूर्ण कराया जाए और परीक्षा में न्यूनतम प्रतिशत अंक प्राप्त करने की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए।इस दौरान जिला महामंत्री पंकज यादव, कोषाध्यक्ष सोमेश कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष विनोद गौतम, संयुक्त मंत्री संजीव गुप्ता, ब्लॉक अध्यक्ष फूल सिंह, सत्यवीर और नितिन गंगवार समेत संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। पत्र की प्रतिलिपि अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा और महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भी भेजकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।


