वाराणसी में जुलूस; प्रयागराज में विरोध मार्च
वाराणसी/प्रयागराज। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने सोमवार को उत्तर प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया। वाराणसी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आंबेडकर पार्क से जिला मुख्यालय तक पैदल जुलूस निकाला। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की और वाराणसी में चुनाव निरस्त करने की मांग उठाई।
कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता नहीं बरती गई। उन्होंने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी होने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें जिम्मेदार ठहराया।
वहीं प्रयागराज में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया। कार्यकर्ता बालसन चौराहे स्थित गांधी प्रतिमा के पास से दोपहर 12 बजे पैदल मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे। कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की जाएगी।
मतदाता सूची और पुनरीक्षण को लेकर उठाए सवाल
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी विवाद जारी है। दो चुनाव आयुक्तों की ओर से प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल उठाए जाने की बात सामने आई है। इनमें नए मतदाताओं से पिछली पुनरीक्षण सूची में स्वयं या परिवार के नाम की जानकारी मांगने, मतदाता आंकड़ों के नियंत्रण और अपीलों की प्रक्रिया से जुड़े सवाल शामिल हैं।
गोवा में जांच के दौरान पात्र पाए गए 97 मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं होने का मामला भी सामने आया। बताया गया कि ऐसा आंकड़ा प्रणाली में तकनीकी समस्या के कारण हुआ। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण में जिन पात्र लोगों के नाम छूट गए हैं, वे संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के पास नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कांग्रेस पहले भी कर चुकी है प्रदर्शन
इससे पहले शुक्रवार को प्रयागराज में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार का पोस्टर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया था। कांग्रेस लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रही है। प्रयागराज में छात्रों की ओर से भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
चुनाव आयोग की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर लगातार स्पष्टीकरण दिए जा रहे हैं। आयोग के अनुसार जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उनके नाम जोड़ने के लिए संबंधित अधिकारियों को अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।


