– उपस्थिति पंजिका ग्राम प्रधान/प्रशासक या पंचायत भवन में रखने के निर्देश
– जांच में पंजिका नहीं मिली तो होगी कार्रवाई
फर्रुखाबाद। जिले में तैनात सफाई कर्मियों की उपस्थिति व्यवस्था को लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी अविनाश चन्द्र ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सफाई कर्मियों की उपस्थिति पंजिका ग्राम प्रधान/प्रशासक के पास अथवा पंचायत भवन में रखी जाएगी, ताकि अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान उसका अवलोकन किया जा सके।
जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से जारी आदेश में शासनादेश का हवाला दिया गया है। शासनादेश के अनुसार सफाई कर्मी का कार्यक्षेत्र उसकी तैनाती वाला संपूर्ण राजस्व ग्राम होगा और उसकी उपस्थिति पंजिका ग्राम प्रधान के पास या पंचायत भवन में रखी जानी चाहिए।
आदेश में बताया गया है कि 27 जुलाई 2026 को ग्राम पंचायत बघऊ, विकासखंड शमसाबाद का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान प्रशासक की ओर से बताया गया कि सफाई कर्मी की उपस्थिति पंजिका उसी सफाई कर्मी के पास है।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने इसे शासनादेश के प्रावधानों के विपरीत माना है। इसके बाद जिले के सभी विकासखंडों के राजस्व ग्रामों में तैनात सफाई कर्मियों को उपस्थिति पंजिका निर्धारित स्थान पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के मुताबिक, उपस्थिति पंजिका ग्राम प्रधान/प्रशासक के पास या पंचायत भवन में उपलब्ध रहनी चाहिए। इससे सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) और जिला पंचायत राज अधिकारी के भ्रमण एवं निरीक्षण के दौरान सफाई कर्मियों की उपस्थिति का सत्यापन किया जा सकेगा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा पंजिका का अवलोकन करने के साथ ग्रामीणों से भी संबंधित सफाई कर्मी की उपस्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण अथवा भ्रमण के दौरान यदि संबंधित सफाई कर्मी की उपस्थिति पंजिका ग्राम प्रधान/प्रशासक या पंचायत भवन में नहीं मिलती है, तो संबंधित सफाई कर्मी को शासनादेश में निहित प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
आदेश में इसकी जिम्मेदारी संबंधित सफाई कर्मी की तय किए जाने की बात कही गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
नए निर्देश के बाद सफाई कर्मियों की उपस्थिति को लेकर निगरानी व्यवस्था और सख्त होने की उम्मीद है। अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूदगी के साथ-साथ उपस्थिति पंजिका की उपलब्धता और ग्रामीणों से फीडबैक भी जांच का हिस्सा बन सकता है।


