– लंबित मांगों की अनदेखी से नाराजगी
– तहसील परिसर में बस्ते जमा कर जताया विरोध
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर मंगलवार को जनपद फर्रुखाबाद में लेखपालों ने अपनी पुरानी एवं न्यायोचित मांगों की अनदेखी के विरोध में अतिरिक्त हल्कों के कार्य का पूर्ण बहिष्कार किया। लेखपालों ने तहसील परिसर में एकजुट होकर अतिरिक्त प्रभार वाले अपने बस्ते संबंधित राजस्व निरीक्षक/कार्यालय में जमा कर दिए।
संघ की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शासन-प्रशासन द्वारा लंबे समय से लंबित मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने से लेखपालों में रोष है। संघ का कहना है कि बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद मांगों के समाधान की दिशा में सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, जबकि लेखपालों पर लगातार अतिरिक्त कार्यभार बढ़ाया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान तहसील सदर के नायब तहसीलदार सचिन मिश्रा, तहसील अध्यक्ष अभय त्रिवेदी एवं तहसील मंत्री ऋषभ सिंह ने संयुक्त रूप से लेखपालों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लेखपाल संघ लंबे समय से अपनी पुरानी एवं न्यायोचित मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित कर रहा है। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण लेखपाल मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं।
संघ ने स्पष्ट किया कि आंदोलन के तहत लेखपाल अपने मूल हल्के में पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से कार्य करते रहेंगे, लेकिन जब तक मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक अतिरिक्त हल्कों का बहिष्कार जारी रहेगा।
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे से तहसील परिसर में बड़ी संख्या में लेखपालों की उपस्थिति रही। सभी ने एकजुटता दिखाते हुए अतिरिक्त प्रभार के बस्ते संबंधित कार्यालय में जमा किए। इस दौरान संघ के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।
कार्यक्रम में नायब तहसीलदार सचिन मिश्रा, तहसील अध्यक्ष अभय त्रिवेदी, तहसील मंत्री ऋषभ सिंह, जिला मंत्री ऋषभ गुप्ता, अरुण दीक्षित, अमित प्रताप सहित संघ के पदाधिकारी एवं लेखपाल उपस्थित रहे।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी लेखपाल संघ द्वारा 22 सितंबर से अतिरिक्त हल्कों के बहिष्कार का निर्णय लिया गया है।


