खैबर पख्तूनख्वा: भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) में भीषण धमाका हुआ है। खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत में जुमे की नमाज के दौरान मस्जिद में ‘सुसाइड ब्लास्ट’ (Suicide blast) हुआ।ओल्ड पुलिस लाइन के पास हुए ‘सुसाइड ब्लास्ट’ में 15 लोगों के चिथड़े उड़ गए। वहीं 30 से अधिक लोग घायल हो गए। मरने वालों में 5 पुलिसकर्मी और 10 आम नागरिक शामिल हैं। घायलों में से कई लोगों की स्थिति चिंताजनक है। हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। धमाके से मस्जिद के बाहर का हिस्सा पूरी तरह टूट गया और एक दीवार भी गिर गई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ओल्ड पुलिस लाइंस के पास स्थित मस्जिद में जुमे की नमाज पढ़ी जा रही थीा। इसी दौरान विस्फोटकों से लदा एक वाहन गेट से टकराया, जिसके बाद भीषण धमाका हुआ। धमाके के बाद गोलीबारी भी हुई। घटना में 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। जबकि 30 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
खैबर पख्तूनख्वा के इंस्पेक्टर जनरल (IG) जुल्फिकार हमीद ने बताया कि धमाका कोहाट पुलिस लाइन्स की एक मस्जिद में हुआ है। मौके पर बचाव अभियान जारी है. घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। शुरुआती जांच में पता चलता है कि एक्सप्लोसिव से लदी एक गाड़ी को ओल्ड पुलिस लाइन में घुसाया गया था। हालांकि धमाका कैसे हुआ, इसके पीछे कौन है, इसकी जानकारी निकाली जा रही है। धमाका इतना भयानक था कि पूरा इलाका कांप उठा। मस्जिद समेत आसपास के कई बिल्डिंगों को नुकसान पहुंचा है। कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। बम धमाके की सूचना मिलने के बाद टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।
खैबर पख्तूनख्वाह के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने घटना की निंदा की है। मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि बेगुनाह लोगों को निशाना बनाना बेहद गलत है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने धमाके की जांच के निर्देश दिए और संबंधित पुलिस अधिकारियों से मामले में डिटेल्ड रिपोर्ट मांगी है।
पाकिस्तान में जनवरी से अब तक 990 आंतकी घटनाओं में 1129 लोगों की मौत हो चुकी है। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2026 तक पूरे पाकिस्तान में 990 मिलिटेंट हमले दर्ज किए गए। इनमें 1126 लोगों की जान जा चुकी है। अगस्त में सबसे ज्यादा 199 हमले हुए, जबकि जुलाई में 144 हमले दर्ज किए गए थे। यानी एक महीने में हमलों की संख्या 38% बढ़ी है।


