लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के लिए शासन ने बड़ा फैसला लागू कर दिया है। जवानों का दैनिक ड्यूटी भत्ता 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है। इस संबंध में शासनादेश जारी होने के साथ नई व्यवस्था प्रभावी हो गई है और अगले महीने से जवानों को बढ़ी हुई दर के अनुसार भुगतान किया जाएगा।
नए आदेश के मुताबिक पीआरडी जवानों के दैनिक भत्ते में 100 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यानी महीने में 30 दिन ड्यूटी करने वाले जवानों को पहले की तुलना में तीन हजार रुपये अधिक मिलेंगे। यह फैसला 15 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया था, जिसके बाद युवा कल्याण विभाग ने शासनादेश जारी किया।
पीआरडी जवानों के साथ उनके आश्रितों को भी अब कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत प्रत्येक परिवार को सालाना पांच लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकारी अस्पतालों के अलावा संबंधित योजना से जुड़े निजी अस्पतालों में भी उपचार कराया जा सकेगा।
सरकार प्रत्येक पीआरडी जवान के लिए सालाना तीन हजार रुपये बीमा प्रीमियम का खर्च वहन करेगी। प्रदेश में पीआरडी जवानों का स्वीकृत नियतन 87,255 है, जिसके आधार पर करीब 26.17 करोड़ रुपये के प्रीमियम का अनुमान है। वर्तमान में 31,130 जवान कार्यरत हैं और उनके कैशलेस उपचार के लिए करीब 9.34 करोड़ रुपये का प्रीमियम जारी किया गया है।
पीआरडी जवानों की जिम्मेदारी केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है। पुलिस के साथ थानों, पुलिस लाइन, यातायात व्यवस्था, सरकारी कार्यालयों, न्यायालयों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर उनकी ड्यूटी लगाई जाती है। चुनाव, धार्मिक आयोजन, मेले और त्योहारों के दौरान भी जवान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करते हैं। बाढ़, अग्निकांड समेत विभिन्न आपदाओं के दौरान भी पीआरडी स्वयंसेवक प्रशासन और पुलिस के साथ मैदान में सक्रिय रहते हैं।
प्रदेश में पीआरडी की स्थापना 11 दिसंबर 1948 को स्वयंसेवी सुरक्षा बल के रूप में हुई थी। लंबे समय से विभिन्न जिम्मेदारियों में योगदान दे रहे जवानों के लिए बढ़ा हुआ दैनिक भत्ता और कैशलेस उपचार की सुविधा लागू होने से उन्हें आर्थिक राहत के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी मिलेगी।


