चंदौली: चंदौली के कंदवा थाना पुलिस ने गोतस्करी (cow smuggling) और संगठित अपराध से जुड़े मामले की विवेचना के दौरान अंतरराज्यीय गिरोह के दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी पश्चिम बंगाल (West Bengal) के बीरभूम जिले के रहने वाले हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी गोवंश की खरीद-फरोख्त से मिलने वाली रकम को कैश में रखने के बजाय ग्राहक सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से उत्तर प्रदेश और बिहार के गोतस्करों के बैंक खातों में ट्रांसफर करते थे। जांच में पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के खातों में करीब 22 लाख रुपये के लेन-देन का भी खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार कंदवा थाना क्षेत्र में बकौड़ी चौराहे के पास चेकिंग के दौरान एक बोलेरो पिकअप को रोकने का प्रयास किया गया था। चालक ने पुलिस टीम पर वाहन चढ़ाने की कोशिश करते हुए भागने का प्रयास किया। घेराबंदी कर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पिकअप से क्रूरतापूर्वक बांधकर लादे गए पांच गोवंश बरामद किए गए थे। मामले में कंदवा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 27/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
विवेचना के दौरान इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और बैंक खातों की जांच में पश्चिम बंगाल के बीरभूम निवासी हसनुजमान उर्फ जुएल और किताबुल मलिक उर्फ सिप्पन की भूमिका सामने आई। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी वर्ष 2023 से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड से गोवंश खरीदकर पश्चिम बंगाल में बेचने वाले नेटवर्क से जुड़े थे।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुकदमा अपराध संख्या 27/2026 गोतस्करी और संगठित अपराध से संबंधित धाराओं में दर्ज है। विवेचनात्मक कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके द्वारा उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल के गोतस्करों से गोवंश बेचकर मिलने वाली रकम को कैश में लिया जाता था और फिर सीएससी के माध्यम से यूपी और बिहार के तस्करों को पैसा ट्रांसफर किया जाता था। पूरे प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस के अनुसार पूछताछ और बैंकिंग लेन-देन की जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपियों ने पूर्व में गिरफ्तार गोतस्करों के बैंक खातों में कुल करीब 22 लाख रुपये का लेन-देन किया था। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पैसों के लेन-देन के नेटवर्क की भी जांच कर रही है। गिरफ्तारी थानाध्यक्ष विनोद कुमार अंचल के नेतृत्व में कंदवा पुलिस टीम ने की. टीम में कांस्टेबल शिवकुमार और नायब यादव शामिल रहे। दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।


