नई दिल्ली। नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पर यौन शोषण के आरोप लगाने वाली डॉ. रोहिणी घावरी छह साल बाद शुक्रवार को स्विट्जरलैंड से भारत लौट आईं। दिल्ली एयरपोर्ट पर सूरजपाल सिंह अम्मू, दक्ष चौधरी और अक्कू पंडित समेत कई लोगों ने उनका स्वागत किया।
भारत लौटते ही रोहिणी ने कहा कि वह डरकर घर बैठने वाली नहीं हैं। देशभर में जाकर सामाजिक बैठकें करेंगी और लोगों की समस्याओं को समझेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि उन्हें कुछ हुआ तो इसके लिए चंद्रशेखर और उनकी भीम आर्मी जिम्मेदार होगी।
रोहिणी ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर को मानने वाला व्यक्ति न्यायप्रिय होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि उनके सम्मान और न्याय के लिए आवाज क्यों नहीं उठाई गई। साथ ही कहा कि उनकी विचारधारा राष्ट्रवादी और मानवतावादी है तथा देश में भाईचारा मजबूत होना चाहिए।
रोहिणी ने बताया कि 13 सितंबर को मेरठ और 14-15 सितंबर को लखनऊ में रहेंगी। उन्होंने कहा कि अब भारत में ही रहकर अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने का प्रयास करेंगी।
रोहिणी का आरोप है कि स्विट्जरलैंड में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात चंद्रशेखर से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर ने शादी की बात छिपाकर उन्हें विवाह का भरोसा दिया और उनका शारीरिक शोषण किया। मामले में वह महिला आयोग में शिकायत कर चुकी हैं। दूसरी ओर, चंद्रशेखर और उनके समर्थकों की ओर से भी रोहिणी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराए जाने की बात सामने आई है।


