लखनऊ। शिक्षक दिवस पर उत्तर प्रदेश के तीन उत्कृष्ट शिक्षकों को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया। सम्मान पाने वालों में कौशांबी की शालिनी कुशवाहा, बलिया के डॉ. इफ्तेखार खां और गाजियाबाद की डॉ. रेनू त्रिपाठी शामिल हैं। तीनों शिक्षकों ने अपने नवाचारी शिक्षण तरीकों से विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई को आसान और रुचिकर बनाया।
कौशांबी के कम्पोजिट विद्यालय रसूलाबाद कोइलहा की शिक्षिका शालिनी कुशवाहा बच्चों को खेल-खेल में भाषा, गणित और बुनियादी शिक्षा सिखाती हैं। उन्होंने करीब 333 बच्चों में पढ़ाई का डर दूर कर आत्मविश्वास बढ़ाने का काम किया है। रोजाना स्कूल के बाद भी वह नई शिक्षण गतिविधियां तैयार करती हैं।
बलिया के राजकीय इंटर कॉलेज के कला शिक्षक डॉ. इफ्तेखार खां ने पेड़-पौधों और प्राकृतिक वातावरण को ही अपनी कक्षा का हिस्सा बना दिया। उनकी शिक्षण शैली ‘करके सीखने’ पर आधारित है। उनके कई विद्यार्थी आईआईटी, एनआईटी, बीएचयू, जामिया और दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों तक पहुंचे हैं। डॉ. खां पिछले 26 वर्षों से प्रत्येक रविवार अपने आवास पर बच्चों को नि:शुल्क पढ़ा रहे हैं।
गाजियाबाद के विजय नगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की 63 वर्षीय विज्ञान शिक्षिका डॉ. रेनू त्रिपाठी ने प्रयोगात्मक शिक्षा और तकनीक को पढ़ाई से जोड़ा। वह स्मार्ट बोर्ड, प्रस्तुतीकरण, शिक्षण सामग्री और विद्यालय के बॉटनिकल गार्डन के जरिए विज्ञान को सरल बनाती हैं। उन्होंने विज्ञान विषय पर 12 किताबें भी लिखी हैं।
राष्ट्रपति ने तीनों शिक्षकों को रजत पदक, हस्ताक्षरयुक्त प्रमाणपत्र और 50 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की। वहीं प्रदेश के 81 अन्य उत्कृष्ट शिक्षकों को भी राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया। गोरखपुर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 76 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार और पांच को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार प्रदान किया। सम्मानित शिक्षकों में बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षक शामिल रहे।


