लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। मंगलवार को लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, गोरखपुर समेत 25 जिलों में बारिश हुई। लगातार बारिश से कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। चित्रकूट में मंदाकिनी उफान पर है, जबकि वाराणसी में गंगा के बढ़ते जलस्तर से घाट जलमग्न हो गए हैं।
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पानी भरने से शवदाह स्थल तक जाने वाला रास्ता डूब गया। लोग घुटनों तक पानी में अर्थियां लेकर पहुंचे। घाट की छतों पर अंतिम संस्कार कराया जा रहा है। करीब 50 फीट ऊंचा रत्नेश्वर महादेव मंदिर लगभग डूब गया है। दशाश्वमेध घाट की जल पुलिस चौकी में भी पानी पहुंच गया। मंगलवार सुबह गंगा का जलस्तर 70.27 मीटर दर्ज किया गया।
चित्रकूट में पूरी रात हुई बारिश से मंदाकिनी फिर उफनाई। रामघाट और आसपास के इलाके पानी में डूब गए। दुकानों, होटलों और ढाबों में पानी भर गया। पुलिस ने रास्तों पर बैरिकेडिंग कर लोगों से घर-दुकान खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
सहारनपुर में बरसाती नदियों में सैलाब आ गया। भदोही में जलभराव से सड़कें और मोहल्ले प्रभावित हुए। रायबरेली के ऊंचाहार में पानी भरने से एनटीपीसी की एक इकाई बंद हो गई। मऊ में सरयू का जलस्तर बढ़ने से कटान का खतरा बढ़ गया है। उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे के पास सड़क धंसने से करीब सात फीट गहरा गड्ढा हो गया।
मौसम विभाग ने मंगलवार को 63 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। 14 जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से अगले दो दिनों में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश तेज होने की संभावना है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन को अलर्ट रखा गया है। राहत और बचाव के लिए बाढ़ चौकियां, नावें और चिकित्सकीय टीमें तैनात हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविरों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।


