बिश्केक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को उज्बेकिस्तान के दौरे के बाद किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे। यहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
संगठन की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित सम्मेलन की थीम ‘सतत शांति, विकास और समृद्धि के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ना’ है। सम्मेलन में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान समेत 10 सदस्य देशों के शीर्ष नेता शामिल हो रहे हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, आर्थिक सहयोग और व्यापारिक संपर्क जैसे मुद्दे बैठक के केंद्र में रहेंगे।
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की संभावना है। इन बैठकों पर खास नजर रहेगी। भारत मध्य एशियाई देशों के साथ ऊर्जा, खनिज संसाधन, व्यापार और परिवहन संपर्क बढ़ाने के साथ आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को भी महत्वपूर्ण मानता है।
शंघाई सहयोग संगठन में भारत और पाकिस्तान 2017 में पूर्ण सदस्य बने थे। इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस संगठन में शामिल हुए। वर्तमान में संगठन के 10 पूर्ण सदस्य देश हैं। अफगानिस्तान की स्थिति, क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद जैसे मुद्दे भी भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं।
प्रधानमंत्री मोदी बिश्केक में होने वाले छठे विश्व घुमंतू खेलों के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। सम्मेलन के बाद संगठन की अध्यक्षता पाकिस्तान को सौंपे जाने की उम्मीद है और 2027 का शिखर सम्मेलन पाकिस्तान में प्रस्तावित है।


