लखनऊ। नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई अचानक बाढ़ के बाद यूपी की नदियों में शव, लकड़ियां और मछलियां बहकर पहुंच रही हैं। गुरुवार को महराजगंज और कुशीनगर में गंडक-नारायणी नदी से छह शव बरामद हुए। इनमें दो महिलाएं हैं। सभी की पहचान नहीं हो सकी है। प्रशासन ने दोनों जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है।
कुशीनगर में नदी में सैकड़ों क्विंटल लकड़ियां बहकर आईं, जिन्हें निकालने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। वहीं एक युवक ने करीब 50 किलो की बड़ी मछली पकड़ी। नेपाल की बाढ़ के बाद नदी का बहाव तेज होने से प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
प्रदेश में बारिश और बाढ़ का असर भी बढ़ता जा रहा है। 19 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि गुरुवार को 61 जिलों में बारिश दर्ज की गई। महोबा में 131.6 मिलीमीटर बारिश हुई। यहां तेज बारिश से 200 से अधिक दुकानों में पानी घुस गया और कई इलाकों में जलभराव हो गया।
बदायूं में गंगा और रामगंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कटान के चलते करीब 25 मकान नदी में समा चुके हैं और प्रभावित परिवार सड़क किनारे रहने को मजबूर हैं। झांसी में बांध के ऊपर से पानी बहने लगा, जबकि चार मछुआरे तेज बहाव के बीच टापू पर फंस गए, जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया।
महोबा में पानी के तेज बहाव में कार समेत बहे इंजीनियर को ग्रामीणों ने रस्सी की मदद से बचाया। उन्नाव में लगातार बारिश के कारण कच्ची दीवार गिरने से 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई और उसके बाबा घायल हो गए।
फर्रुखाबाद में भी बाढ़ का पानी घरों और सरकारी स्कूलों में घुसा हुआ है। चित्रकूट डिप पर बाढ़ के पानी में जाने की कोशिश कर रहे युवक को पुलिसकर्मी ने सुरक्षित बाहर निकाला।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को 49 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। अगले दो-तीन दिन प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।


