रसुवा: तिब्बत की सीमा से लगे मध्य नेपाल (Nepal) के दो ज़िलों में आज बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ (floods) में मरने वालों की संख्या बढ़कर 95 हो गई। तिब्बत की ओर से भोटेकोशी नदी में अचानक आए विनाशकारी सैलाब ने उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई है, जबकि 105 भारतीय नागरिकों (Indian nationals) समेत 1 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। बाढ़ से शहरों और गांवों में तबाही हुई, पुल बह गए और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।
नेपाल के रसुवा ज़िले के भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ की वजह से देश के अलग-अलग ज़िलों में भारी तबाही हुई है। बाढ़ त्रासदी से जूझ रहे नेपाल की मदद के लिए भारत सरकार ने तेजी से कदम बढ़ाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह से बात कर फ्लैश फ्लड से मची तबाही पर दुख जताया है। उन्होंने इस विपत्ति में पड़ोसी राष्ट्र की हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। नेपाल की इस त्रासदी को देखते हुए बिहार के 6 जिले और उत्तर प्रदेश के दो जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।
बचाव और आपातकालीन कार्रवाई में मदद के लिए नेपाल सेना के दो हेलीकॉप्टर रसुवा भेजे गए हैं। गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने जनता और यात्रियों से प्रभावित हाईवे और नदी के रास्तों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने का आग्रह किया है। वहीं नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने प्रतिनिधि सभा को संबोधित करते हुए बताया है कि रसुवा में आपदा की स्थिति भूकंप के साथ आए हिमस्खलन के कारण हुई थी।
नेपाल के बाढ़ में अब तक 95 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस आपदा से निपटने के लिए नेपाली सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स और पुलिस को तैनात किया गया है। नेपाल के रसुवा जिले के भोटेकोशी नदी में बाढ़ आई, देश के अलग-अलग जिलों में अब तक 16 शव बरामद हुए हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड की ओर से जारी नई जानकारी के बाढ़ में लापता लोगों की संख्या 403 हो गई है।
नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी देने के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। दो हेल्पलाइन नंबर +9779851316807 और +9779709107500 हैं।


