रायबरेली: गंगा नदी (The River Ganges) के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रायबरेली जिला प्रशासन (Raebareli District Administration) ने सतर्कता बढ़ा दी है। आज बुधवार को गंगा नदी का जलस्तर 98.400 मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित चेतावनी स्तर 98.360 मीटर से 0.040 मीटर ऊपर है। हालांकि नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान 99.360 मीटर से 0.960 मीटर नीचे है, फिर भी प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार पहुंचते ही जिले के सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और राजस्व विभाग की टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। संबंधित अधिकारी और कर्मचारी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नदी के जलस्तर, कटान और आसपास के हालात का जायजा ले रहे हैं। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
गंगा किनारे बसे निचले इलाकों और बाढ़ की आशंका वाले गांवों में राजस्व टीमें लगातार भ्रमण कर रही हैं। ग्रामीणों को नदी के बढ़ते जलस्तर के प्रति सचेत किया जा रहा है और गांवों में मुनादी कराकर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों से कहा है कि वे अनावश्यक रूप से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों की ओर न जाएं तथा बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सुरक्षित स्थानों पर रखें।
जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिले में स्थापित बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। इन चौकियों के माध्यम से नदी के जलस्तर, प्रभावित गांवों और ग्रामीणों की आवश्यकताओं पर नजर रखी जा रही है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर स्थिति की जानकारी उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराएं।
प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए नाव तथा गोताखोरों की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली है। अलावा जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए राहत सामग्री भी तैयार रखी गई है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे ग्रामीणों से संपर्क बनाए रखें और किसी भी सूचना या शिकायत का त्वरित संज्ञान लें।
जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की है कि वे गंगा नदी के जलस्तर को लेकर फैलने वाली किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार सभी कदम उठाए जाएंगे। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
जिलाधिकारी ने लोगों से यह भी कहा है कि किसी भी आपात स्थिति, जलभराव, कटान या राहत संबंधी आवश्यकता होने पर जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के नंबर पर तत्काल संपर्क करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गंगा किनारे बसे गांवों में सतत निगरानी जारी रहेगी और स्थिति के अनुसार राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय किया जाएगा।


