लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश ने मंगलवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। वाराणसी में करीब 15 घंटे हुई झमाझम बारिश से सड़कें तालाब बन गईं और कई इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया। बीएचयू अस्पताल परिसर में घुटनों तक पानी भर गया। मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह लोग मरीजों को कंधे पर बैठाकर अस्पताल तक पहुंचाते दिखाई दिए।
वाराणसी में कई सड़कों पर तीन से चार फीट तक पानी भर गया, जिससे वाहन फंस गए। शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर रही। भारी बारिश को देखते हुए वाराणसी में सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। जौनपुर, गाजीपुर, प्रतापगढ़, अमेठी, चंदौली और अंबेडकरनगर में भी कक्षा आठ तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।
प्रदेश के सभी 75 जिलों में मंगलवार को गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। प्रयागराज समेत 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में बने चक्रवाती सिस्टम और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण मानसूनी गतिविधियां तेज हुई हैं। अगले कुछ दिनों तक पूर्वी यूपी में बारिश जारी रहने की संभावना है।
लगातार बारिश से नदियां भी उफान पर हैं। प्रदेश के 19 जिले बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी पर बने तमोलिनपुरवा बांध का एक हिस्सा कटने से दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बदायूं में गंगा और रामगंगा का पानी सड़कों पर पहुंच गया है। कई गांवों में नावों से आवागमन कराया जा रहा है। ललितपुर में खेड़ार नदी के पुलों के ऊपर से तीन से चार फीट पानी बह रहा है।
जौनपुर में करीब 10 घंटे की बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं और कई घरों में पानी घुस गया। बारिश के दौरान नीम का पेड़ गिरने से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। मिर्जापुर में लगातार बारिश के बीच विद्यालय की एक कक्षा की छत भरभराकर गिर गई। हादसे के समय स्कूल में छात्र नहीं थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
इससे पहले सोमवार को बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई थी। अयोध्या के बीकापुर में झोपड़ी गिरने से एक बच्चे और युवती की मौत हुई, जबकि गाजीपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से युवक की जान चली गई। मुगलसराय में कच्ची दीवार गिरने से एक मासूम की मौत हुई। चंदौली में नहर में डूबने से भाई-बहन की भी मौत हो गई।
मौसम विभाग ने लोगों से जलभराव वाले रास्तों और तेज बहाव वाली नदियों-पुलों से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन को भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।


