लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश में सोमवार को बारिश और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। प्रदेश के 65 शहरों में बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं, वाहन पानी में फंस गए और नदी-नाले उफान पर हैं। बारिश और बाढ़ से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई है। वहीं, 19 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और 92 गांवों में फसलें पानी में डूब गई हैं।
बलिया में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद भोजपुरवा गांव में करीब 100 परिवार बाढ़ के पानी में फंस गए। सोमवार सुबह राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम ने नावों के जरिए सभी परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसी गांव में कटान की चपेट में आने से पानी की टंकी भी देखते ही देखते नदी में समा गई। इसका वीडियो भी सामने आया है।
अयोध्या के बीकापुर में तेज आंधी और बारिश के दौरान झोपड़ी गिरने से एक बच्चे और युवती की दबकर मौत हो गई। गाजीपुर में भैंस चराने गए 58 वर्षीय उमाशंकर यादव की बाढ़ के पानी में डूबने से जान चली गई। चंदौली के मुगलसराय में कच्ची दीवार गिरने से दो वर्षीय मासूम की मौत हो गई। वहीं, चंदौली के बलुआ क्षेत्र में नहर में गिरी चार वर्षीय बच्ची को बचाने उतरे उसके 10 वर्षीय भाई की भी तेज बहाव में डूबने से मौत हो गई।
मथुरा में महज आधे घंटे की बारिश के बाद सड़कें तालाब बन गईं। रेलवे अंडरपास में करीब दो फीट पानी भर गया और कई कारें आधी डूब गईं। बाइक और ई-रिक्शा भी पानी में फंस गए। नोएडा में सेक्टर-62 मेट्रो स्टेशन की सीढ़ियों के पास पानी भर गया। गाजियाबाद के लोनी में सड़क पर पानी भरने से एंबुलेंस फंस गई, जिसे निकालने के लिए ट्रैक्टर बुलाना पड़ा।
ललितपुर में सैर नाले पर बने पुल पर तेज बहाव के बीच बाइक लेकर निकलने की कोशिश कर रहे युवक की बाइक पानी में बह गई। युवक किसी तरह बच गया। झांसी में भारी बारिश के कारण बेतवा नदी पर बना बांध भी छलक गया। वाराणसी में वरुणा नदी का पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है, जबकि प्रयागराज में गंगा-यमुना के बढ़े जलस्तर से कई इलाके प्रभावित हैं।
काशी में गंगा का जलस्तर फिलहाल करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है, लेकिन कई घाटों का संपर्क अब भी टूटा हुआ है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार छतों पर करने की नौबत बनी हुई है। अस्सी घाट भी जलमग्न है।
मौसम विभाग ने मंगलवार को पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना जताई है। प्रयागराज और वाराणसी समेत 16 जिलों में बहुत भारी बारिश का अनुमान है। कुल 75 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में बने चक्रवाती तंत्र और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण मानसूनी गतिविधियां तेज हुई हैं।
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। सड़क संपर्क टूटने वाले इलाकों में नावों और मोटर नौकाओं से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच प्रभावित जिलों में प्रशासन की टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं।


