(शाहजहांपुर)। उत्तर प्रदेश के जैतीपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पलिहुरा के बमिहाना गांव से विकास के दावों को मुंह चिढ़ाती एक बेहद भावुक और परेशान करने वाली तस्वीर सामने आई है। शनिवार को एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दो स्थानीय युवकों के शव जब अंतिम संस्कार के लिए ले जाए जा रहे थे, तब गांव की बदहाली खुलकर सबके सामने आ गई।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी झेलनी पड़ी परेशानी
गांव की गलियां इस कदर कीचड़ और मलबे से पटी हुई हैं कि पैदल चलना भी दूभर है। युवकों के अंतिम संस्कार के मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी इन बदहाल रास्तों से पैदल गुजरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गांव की इस बदतर प्रशासनिक और बुनियादी व्यवस्था को देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की।
5 वर्षों से नहीं हुआ कोई विकास कार्य
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब 5 वर्षों से गांव में विकास के नाम पर कोई खास काम नहीं हुआ है। गांव के अधिकांश रास्तों पर सालों पुराना खंडजा बिछा हुआ है, जो जगह-जगह से टूटकर पूरी तरह जर्जर हो चुका है। थोड़ी सी भी बारिश होने के बाद इन रास्तों पर भारी कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन जाती है। शनिवार को भी गलियों में घुटनों तक कीचड़ होने के कारण लोगों का आवागमन पूरी तरह ठप रहा।
नालियां टूटीं, सड़कों पर बह रहा गंदा पानी ग्रामीणों ने बताया कि गांव की नालियां भी कई स्थानों से पूरी तरह टूट चुकी हैं।
जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश और नालियों का गंदा पानी सीधे रास्तों और सड़कों पर फैल जाता है। इससे ग्रामीणों के रोजमर्रा के जीवन और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने फेरा मुंह
गांव वालों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गांव की सड़कों और नालियों की इस गंभीर समस्या को दूर करने की गुहार लगाई। लिखित और मौखिक शिकायतों के बावजूद अब तक धरातल पर स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
विकास कार्य ठप होने से ग्रामीण लंबे समय से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग शनिवार को हुई इस घटना के बाद बमिहाना गांव के निवासियों ने एक सुर में प्रशासन से गांव में सड़क, खडंजा, नाली और जल निकासी की व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों ने संबंधित उच्च अधिकारियों से गांव का स्थलीय निरीक्षण करने और दोषियों पर कार्रवाई करने की अपील की है।


