लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में विधानसभा चुनाव से पहले जुबानी जंग तेज होती जा रही है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। राजभर ने दावा किया कि चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी की स्थिति पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस जैसी हो जाएगी।
राजभर का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति को धार देने में जुटे हैं। राजभर पिछले कुछ समय से लगातार सपा में संभावित टूट और नेताओं के पार्टी छोड़ने के दावे करते रहे हैं। जून 2026 में भी उन्होंने सपा में बड़ी टूट की संभावना जताते हुए दावा किया था कि पार्टी के कई नेता भाजपा की ओर जाने को तैयार हैं। हालांकि सपा नेताओं ने उनके दावों को राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए खारिज किया था।
ओम प्रकाश राजभर ने इससे पहले सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सपा में बड़ी टूट होने का दावा किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र और बंगाल की राजनीतिक घटनाओं के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी बड़ा राजनीतिक बदलाव हो सकता है। राजभर ने यह तक कहा था कि सपा के कई लोग भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार बैठे हैं।
राजभर के इन दावों पर सपा नेताओं ने पलटवार किया। शिवपाल यादव ने उनके दावे को खारिज करते हुए कहा था कि सपा का कोई सांसद पार्टी नहीं तोड़ेगा और 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा की सरकार बनने का भरोसा जताया था।
राजभर लगातार 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा पर हमलावर हैं। जून में उनके बेटे अरुण राजभर ने भी बताया था कि सुभासपा ने आगामी चुनाव के लिए 32 सीटों पर दावा किया है, खासकर आजमगढ़ क्षेत्र की उन सीटों पर जहां समाजवादी पार्टी का मजबूत प्रभाव माना जाता है। सुभासपा 2022 में सपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ चुकी है, लेकिन बाद में राजभर ने गठबंधन तोड़कर एनडीए का रुख किया था।
राजभर ने हाल के दिनों में अखिलेश यादव पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने सपा नेतृत्व की रणनीति और विपक्षी गठबंधन के समीकरणों पर भी सवाल उठाए हैं। वहीं अखिलेश यादव और सपा नेताओं की ओर से भी राजभर के बयानों पर पलटवार किया जाता रहा है।


