अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर परिसर और उससे जुड़े कार्यों में तैनात कर्मचारियों की उपस्थिति और निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने का फैसला लिया है। नए नियमों के तहत अब कर्मचारियों की हाजिरी फेस रीडिंग तकनीक के जरिए दर्ज की जाएगी। इससे ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की उपस्थिति और समय की निगरानी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी के ड्यूटी पर पहुंचने के समय फेस रीडिंग के जरिए उपस्थिति दर्ज होगी। ड्यूटी पूरी होने के बाद परिसर से निकलते समय भी फेस रीडिंग करानी होगी। यानी कर्मचारी के एंट्री से लेकर एग्जिट तक की निगरानी की व्यवस्था लागू की जा रही है।
ट्रस्ट का उद्देश्य कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ ड्यूटी में लापरवाही और अनधिकृत अनुपस्थिति पर रोक लगाना है। निर्धारित समय के बाद ड्यूटी पर पहुंचने वाले कर्मचारियों को नोटिस दिया जा सकता है। वहीं बिना अनुमति ड्यूटी से गायब रहने या अनुपस्थित पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नई व्यवस्था में कर्मचारी कब मंदिर परिसर में ड्यूटी के लिए पहुंचा और कब ड्यूटी पूरी कर बाहर निकला, इसका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर किसी तरह की गड़बड़ी या विवाद की संभावना कम होगी।
फेस रीडिंग आधारित हाजिरी व्यवस्था से यह भी सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कर्मचारी की जगह कोई दूसरा व्यक्ति उसकी उपस्थिति दर्ज न कर सके। देर से आने और समय से पहले ड्यूटी छोड़ने जैसे मामलों पर भी निगरानी आसान होगी।
राम मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में कर्मचारी विभिन्न जिम्मेदारियों में तैनात रहते हैं। मंदिर की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए कर्मचारियों का समय पर ड्यूटी पर पहुंचना और निर्धारित समय तक जिम्मेदारी निभाना महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट ने निगरानी व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया है।
नए नियमों के लागू होने के बाद कर्मचारियों को निर्धारित समय और ड्यूटी संबंधी नियमों का पालन करना होगा। लापरवाही या लगातार अनुपस्थिति की स्थिति में संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।


