राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर जिलेभर में चलेगा विशेष अभियान, 14 अगस्त को होगा मॉप-अप दिवस
फर्रुखाबाद। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत जनपद में 01 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाने के लिए 10 अगस्त 2026 को विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान जिले के सरकारी, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों, इंटर कॉलेजों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों को पेट के कीड़ों से बचाव के लिए एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को सफल बनाने के लिए संबंधित विभागों के समन्वय से तैयारियां पूरी कर ली हैं।
जनपद में अभियान के तहत कुल 9,76,436 बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिक्षा विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने की व्यवस्था की गई है।
अभियान के दौरान बच्चों को उनकी आयु के अनुसार कृमिनाशक दवा दी जाएगी। 01 से 02 वर्ष की आयु के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर एल्बेंडाजोल सिरप पिलाई जाएगी, जबकि 02 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। विद्यालयों में दवा का सेवन शिक्षकों की निगरानी में कराया जाएगा, वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की देखरेख में बच्चों को दवा दी जाएगी।
कृमि संक्रमण से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ता है असर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द उपाध्याय ने बताया कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और शारीरिक विकास के लिए कृमि संक्रमण की रोकथाम बेहद जरूरी है। पेट में कीड़े होने से बच्चों में खून की कमी, कमजोरी, भूख में कमी और कुपोषण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके साथ ही बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि एल्बेंडाजोल का सेवन बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अभियान के दौरान बच्चों को निर्धारित आयु के अनुसार ही दवा दी जाएगी और उसका सेवन संबंधित शिक्षक अथवा आंगनबाड़ी कार्यकत्री की निगरानी में कराया जाएगा।
10 अगस्त को छूटे बच्चों को 14 अगस्त को मिलेगी दवा
अभियान के दौरान यदि किसी कारणवश कोई पात्र बच्चा 10 अगस्त को दवा का सेवन नहीं कर पाता है, तो उसे 14 अगस्त 2026 को आयोजित मॉप-अप दिवस पर कृमिनाशक दवा खिलाई जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र बच्चा अभियान के लाभ से वंचित न रह जाए।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को निर्धारित दिवस पर कृमिनाशक दवा का सेवन अवश्य कराएं। साथ ही शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से भी अभियान में सक्रिय सहयोग करने का आह्वान किया गया है। विभाग का कहना है कि सामूहिक प्रयासों से बच्चों को कृमि संक्रमण से सुरक्षित रखने के साथ ही उनके बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और स्वस्थ भविष्य की दिशा में प्रभावी कदम उठाया जा सकता है।
9.76 लाख बच्चों को खिलाई जाएगी कृमिनाशक दवा, 10 अगस्त से शुरू होगा अभियान


