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Saturday, August 8, 2026

लखनऊ भोजपुरी महोत्सव में मनोज तिवारी का भोजपुरी पर बड़ा बयान, “कल तक उपहास, आज सदन की आवाज़!”

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लखनऊ: विश्वेश्वरैया हाल परिसर में भोजपुरी महोत्सव (Bhojpuri Festival) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भोजपुरी भाषा और संस्कृति से जुड़े कलाकारों, संगीतकारों, नेताओं तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। भोजपुरी कलाकार और सांसद मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) भी इस आयोजन में विशेष रूप से शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान भोजपुरी भाषा को बढ़ावा देने और इसके सांस्कृतिक महत्व पर चर्चा हुई। बड़ी संख्या में लोगों ने महोत्सव में हिस्सा लिया और कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया। मीडिया से बातचीत में मनोज तिवारी ने कहा कि भोजपुरी समाज अपनी भाषा को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और इसी कड़ी में यह महोत्सव आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में भोजपुरी बोली जा रही है। भौगोलिकसंदर्भ

उन्होंने भोजपुरी को बिहार और पूर्वांचल की मधुर तथा आमजन की भाषा बताया। मनोज तिवारी ने कहा कि भोजपुरी संगीत और फिल्मों ने लोगों के बीच इस भाषा के लिए खास जगह बनाई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से भोजपुरी भाषा को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की।

भोजपुरी कलाकार कल्पना ने भाषा के प्रति अपने लगाव को लेकर कहा कि इसके लिए उनका प्रेम शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि वह मूल रूप से असम की रहने वाली हैं, लेकिन भोजपुरी समाज ने उन्हें सम्मान और स्थान दिया है। कल्पना ने कहा कि भोजपुरी भाषा को आगे बढ़ना चाहिए। उनके मुताबिक इस भाषा में कई सकारात्मक पहलू हैं, जिन्हें समझने और सीखने की जरूरत है, ताकि लोग भोजपुरी को सही रूप में पहचान सकें।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि भोजपुरी महोत्सव में शामिल कलाकारों से मिलने के बाद उन्हें भाषा की मधुरता का अनुभव हुआ। उन्होंने भोजपुरी को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई।

जयवीर सिंह ने कहा कि सरकार ने भोजपुरी से जुड़े कार्यकर्ताओं से बातचीत की है। यदि पर्यटन मंत्रालय इस भाषा के लिए कोई योगदान कर सकता है तो उस दिशा में भी काम किया जाएगा। उन्होंने भोजपुरी को संस्कृति से गहराई से जुड़ी भाषा बताया। जयवीर सिंह ने छठ पूजा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परंपरा देश के साथ विदेशों में भी मनाई जाती है और भोजपुरी भाषी समाज की शानदार परंपरा है।

उनके मुताबिक छठ की परंपरा से भोजपुरी भाषा को भी पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी ने लोगों को जोड़ने और संस्कृति को संरक्षित करने में भूमिका निभाई है। अखिल भारतीय भोजपुरी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभुनाथ राय ने बताया कि यह आयोजन कई वर्षों से लगातार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प भोजपुरी को आमजन की भाषा बनाना है। प्रभुनाथ राय ने कहा कि सरकार को भोजपुरी के लिए और काम करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने मौजूदा सरकार की ओर से भाषा के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों का भी उल्लेख किया।

 

 

 

 

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