– अतिक्रमण हटाने के बाद भी दोबारा कब्जा करने वालों पर लगेगा 500 का जुर्माना
– व्यापारियों से जागरूकता की अपील
फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में जिला स्तरीय उद्योग बंधु एवं व्यापार बंधु की बैठक आयोजित हुई। बैठक में उद्यमियों और व्यापारियों से जुड़ी समस्याओं के साथ-साथ शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में निवेश मित्र पोर्टल, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना तथा एक जनपद एक व्यंजन वित्त पोषण योजना की प्रगति पर चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्यमियों एवं व्यापारियों का कल्याण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसलिए प्राप्त आवेदनों और लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल निस्तारण किया जाए। पात्र लाभार्थियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में नगर क्षेत्र में आवारा गोवंश और अवैध अतिक्रमण की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारियों को टीम गठित कर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों पर आवारा गोवंश छोड़ने वाले गोपालकों के विरुद्ध नियमानुसार अर्थदंड की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में बंदरों के बढ़ते विचरण की समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका और वन विभाग को आपसी समन्वय से अभियान चलाकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्रवाई में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने व्यापारियों से अपील की कि वे आवारा पशुओं को सड़कों पर न छोड़ने और बाजारों को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने के संबंध में आमजन को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और व्यापारी मिलकर सुरक्षित एवं व्यवस्थित बाजार व्यवस्था सुनिश्चित कर सकते हैं।
अतिक्रमण के संबंध में जिलाधिकारी ने व्यापारियों से कहा कि प्रशासन द्वारा सड़कों और सार्वजनिक स्थलों से अतिक्रमण हटाने के बाद अस्थाई रूप से दोबारा अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को जागरूक किया जाए। दुकानदारों को सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण न करने के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जागरूक किए जाने के बावजूद यदि किसी दुकानदार द्वारा दोबारा अस्थाई अवैध अतिक्रमण किया जाता है तो उसके विरुद्ध 500 का अर्थदंड लगाया जाएगा।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, उद्योग बंधु एवं व्यापार बंधु के प्रतिनिधि तथा व्यापारीगण मौजूद रहे।


