वॉशिंगटन डीसी/तेहरान/तेल अवीव। पश्चिम एशिया में जारी तनाव शनिवार को और गहरा गया। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे कतर के एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) टैंकर पर कथित मिसाइल या ड्रोन हमला हुआ, जिससे उसके इंजन रूम को नुकसान पहुंचा और जहाज समुद्र में फंस गया। वहीं ईरान ने कुवैत पर ड्रोन हमले किए, जिनमें एक सरकारी इमारत और नागरिक संपत्ति क्षतिग्रस्त हुई। कुवैत ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई ड्रोन मार गिराए और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
इस बीच भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री से बातचीत कर समुद्री व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। भारत सरकार ने संसद में बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान अब तक 16 भारतीय नागरिकों, जिनमें 10 नाविक शामिल हैं, की मौत हो चुकी है।
अमेरिका ने क्षेत्र में अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने की अपील की है। वहीं पेंटागन ने युद्ध में खर्च हुई मिसाइलों का भंडार भरने के लिए 18.2 अरब डॉलर की आपात फंडिंग की मांग की है। दूसरी ओर, ईरान ने कहा है कि वह “सबसे खराब हालात” के लिए भी तैयारी कर रहा है और आवश्यक संसाधनों का भंडारण किया जा रहा है।
समुद्री सुरक्षा पर बढ़ते खतरे के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी व्यापक असर पड़ सकता है।


