अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन एवं चोरी के मामले की जांच अब नए सिरे से की जाएगी। इसके लिए गठित नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी पहली वर्चुअल बैठक आयोजित कर जांच की दिशा और रणनीति पर विस्तृत मंथन किया।
बैठक में अब तक जुटाए गए साक्ष्यों और उपलब्ध दस्तावेजों की समीक्षा की गई। एसआईटी के अधिकारियों ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए जांच को निष्पक्ष और तथ्यपरक ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े पहलुओं के साथ-साथ बैंक कर्मियों की संभावित भूमिका पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। जांच टीम ने अब तक एकत्र किए गए साक्ष्यों, बैंकिंग लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी ली तथा आगे की जांच के लिए आवश्यक बिंदु तय किए।
एसआईटी का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं में किन-किन लोगों की भूमिका रही, धन के लेन-देन की प्रक्रिया क्या थी और यदि किसी स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले के प्रत्येक पहलू की गहन पड़ताल की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी। यदि जांच के दौरान किसी व्यक्ति या संस्था की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
राम मंदिर से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर देशभर की निगाहें टिकी हैं। ऐसे में नई एसआईटी से निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की अपेक्षा की जा रही है। फिलहाल जांच जारी है और एसआईटी क्रमबद्ध तरीके से सभी संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।


