100 से ज्यादा ट्रैक्टरों के साथ यमुना एक्सप्रेस-वे जाम
पुलिस ने जेसीबी-बुलडोजर लगाकर रोका
आगरा। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में आगरा में रविवार को प्रदर्शन ने फिर जोर पकड़ लिया। यूजीसी मुक्ति मोर्चा के आह्वान पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी ट्रैक्टरों के साथ कलेक्ट्रेट घेराव के लिए निकले। पुलिस और पीएसी ने मुड़ी चौराहे से आगे रास्ता रोकने के लिए जेसीबी, बुलडोजर और हाइड्रा लगाए, लेकिन प्रदर्शनकारी खेतों और दूसरे रास्तों से आगे बढ़ते हुए यमुना एक्सप्रेस-वे तक पहुंच गए और वहां जाम लगा दिया।
प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस की बैरिकेडिंग पार कर एक्सप्रेस-वे पर पहुंच गए और सड़क पर खड़े होकर वाहनों की आवाजाही रोक दी। अधिकारियों के समझाने के बाद एक्सप्रेस-वे खाली कराया गया, लेकिन प्रदर्शनकारी दूसरे रास्तों से कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने का प्रयास करते रहे।
मोर्चे ने पहले ही 20 सितंबर को जिला मुख्यालय घेराव का ऐलान किया था। शनिवार शाम से मुड़ी चौराहे पर प्रदर्शनकारी जुटने लगे थे। रविवार सुबह ट्रैक्टर मार्च निकालने की तैयारी के बीच पुलिस और पीएसी की तैनाती बढ़ा दी गई थी। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी।
आगरा में यूजीसी को लेकर पिछले दिनों भी प्रदर्शन हो चुके हैं। 18 सितंबर को एत्मादपुर क्षेत्र में ट्रैक्टर मार्च रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की खबर सामने आई थी। पुलिस ने उस दौरान बुलडोजर और अन्य वाहनों से रास्ता रोकने की कोशिश की थी।
प्रदर्शनकारी यूजीसी के नए प्रावधानों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। आंदोलन से जुड़े संगठनों की ओर से आने वाले दिनों में भी प्रदर्शन जारी रखने की बात कही गई है। रविवार को यमुना एक्सप्रेस-वे पर जाम लगने के बाद पुलिस-प्रशासन की चुनौती कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ यातायात सुचारु कराने की भी रही।


