34.7 C
Lucknow
Wednesday, July 29, 2026

“सनातन संस्कृति को कमजोर करने की साजिशों से रहें सतर्क” : सीएम योगी

Must read

“सनातन संस्कृति को कमजोर करने की साजिशों से रहें सतर्क” : सीएम योगी – शांतनु जी महाराज के मुखारविंद से चल रही कथा का गुरु पूर्णिमा पर समापन
– महंत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल खोलकर की सराहना
शरद कटियार
गोरखपुर। श्री गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित सप्तदिवसीय भव्य श्रीराम कथा के पूर्णाहुति कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, राष्ट्रीय एकता और देश की प्रगति पर विस्तृत विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोच्च है और गुरु वह है जिससे जीवन में कुछ सीखने को मिले। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में वैश्विक मान्यता मिली। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि भारत की ऋषि परंपरा का वैज्ञानिक अनुसंधान है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से पुरानी पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों, प्राचीन सिक्कों और ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में प्राचीन पांडुलिपियां, ताम्रपत्र और सिक्के प्राप्त हुए हैं, जो भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा के महत्वपूर्ण प्रमाण हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया की कुछ ताकतें अपने स्वार्थ के लिए सनातन संस्कृति को कमजोर करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास केवल बाहरी नहीं, बल्कि समाज के भीतर से भी हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और समाज, परिवार तथा राष्ट्र की एकता बनाए रखने का आह्वान किया।
इतिहास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब-जब भारत प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ा, तब-तब उसके सामने चुनौतियां भी खड़ी हुईं। उन्होंने भगवान श्रीराम के वनवास, माता सीता के वनवास, महाभारत और चंद्रगुप्त मौर्य-चाणक्य के कालखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि आंतरिक मतभेद और षड्यंत्र किसी भी मजबूत व्यवस्था को कमजोर कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत हजारों वर्षों से एक राष्ट्र के रूप में अपनी यात्रा करता आया है। यहां भाषा, वेशभूषा, उपासना पद्धति और परंपराओं में विविधता रही है, लेकिन उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक देश एक सांस्कृतिक सूत्र में बंधा रहा है। उन्होंने कहा कि जातीयता, क्षेत्रीयता और विभाजनकारी राजनीति से ऊपर उठकर ही भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त की और आज भी “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना देश की सबसे बड़ी ताकत है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लगभग 12 वर्ष पहले देश के 120 जिलों में नक्सलवाद की समस्या थी, जबकि आज यह काफी हद तक समाप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसी विचारधाराओं को बढ़ावा देने वाले तत्व नए रूप और नए नाम से समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास कर सकते हैं, इसलिए जनता को हर प्रकार की राष्ट्रविरोधी और विभाजनकारी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के संकल्प के साथ किया तथा सभी से भारत की सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने का आह्वान किया।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article