3.63 लाख भारतीय छात्रों पर असर की आशंका
नई दिल्ली। अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करने की तैयारी कर रहे विदेशी छात्रों के लिए ट्रंप प्रशासन के प्रस्ताव से खर्च का बोझ काफी बढ़ सकता है। प्रशासन ने विदेशी छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण (ओपीटी) की लागत 1 लाख अमेरिकी डॉलर करने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया है। यह प्रस्ताव अभी लागू नहीं हुआ है। लागू होने से पहले संबंधित लोगों और संस्थानों से सुझाव व आपत्तियां मांगी जाएंगी।
पढ़ाई के बाद नौकरी का रास्ता है ओपीटी
अमेरिका में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने अध्ययन से जुड़े क्षेत्र में काम करने का अवसर ओपीटी के माध्यम से मिलता है। सामान्य विषयों के विद्यार्थियों को 12 महीने तक काम करने की अनुमति मिलती है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित विषयों के पात्र विद्यार्थियों को अतिरिक्त 24 महीने की अनुमति मिल सकती है। इस तरह उन्हें कुल 36 महीने तक अमेरिका में काम करने का अवसर मिल सकता है।
अमेरिका में 11.77 लाख विदेशी छात्र
अमेरिकी उच्च शिक्षण संस्थानों में वर्ष 2024-25 के दौरान करीब 11.77 लाख विदेशी छात्र पढ़ रहे थे। इनमें भारत के 3.63 लाख से अधिक छात्र शामिल थे। इस लिहाज से भारत अमेरिका में विदेशी छात्रों की संख्या के मामले में सबसे आगे रहा।
भारतीय छात्रों पर पड़ सकता है बड़ा असर
अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद ओपीटी के जरिए नौकरी की ओर बढ़ते हैं। प्रस्तावित शुल्क लागू होने पर पढ़ाई, रहने-खाने और अन्य खर्चों के अलावा नौकरी शुरू करने के लिए भी भारी रकम जुटानी पड़ेगी। इससे अमेरिका में पढ़ाई के बाद वहीं नौकरी करने की योजना बना रहे विद्यार्थियों की आर्थिक चुनौती बढ़ सकती है।
अभी प्रस्ताव, अंतिम नियम नहीं
एक लाख डॉलर की राशि को फिलहाल लागू शुल्क नहीं माना जा सकता। यह अभी प्रस्तावित व्यवस्था है और अंतिम निर्णय नियामकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा। इसलिए छात्रों के लिए मौजूदा नियम और अंतिम सरकारी आदेश के बीच अंतर समझना महत्वपूर्ण होगा।
एच-1बी पर भी एक लाख डॉलर का प्रावधान
अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों के लिए एच-1बी वीजा से संबंधित व्यवस्था में भी एक लाख डॉलर के भुगतान का प्रावधान किया गया है। हालांकि यह व्यवस्था ओपीटी के प्रस्ताव से अलग है और इसके अपने नियम व शर्तें हैं।
विदेशी छात्रों के लिए बढ़ सकता है खर्च
ओपीटी शुल्क में प्रस्तावित भारी वृद्धि से अमेरिका में पढ़ाई के बाद रोजगार तलाशने वाले विदेशी विद्यार्थियों के सामने आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। भारतीय छात्रों की बड़ी संख्या को देखते हुए इस प्रस्ताव पर भारत से अमेरिका जाने वाले विद्यार्थियों और उनके परिवारों की नजर बनी हुई है।


