लखनऊ। स्विट्जरलैंड से छह साल बाद भारत लौटीं रोहिणी घावरी ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से कथित रिश्ते और विवाद को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक साक्षात्कार में रोहिणी ने कहा कि रिश्ते का फायदा उठाया गया और बाद में उन्हें ही गलत ठहराते हुए चरित्र हनन का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम में उनके जीवन के पांच-छह साल बर्बाद हो गए।
रोहिणी के मुताबिक वर्ष 2021 में सामाजिक मुद्दों पर काम करने के दौरान चंद्रशेखर से उनकी बातचीत शुरू हुई थी। वह सफाईकर्मियों और हाथ से मैला ढोने की समस्या पर रिपोर्ट तैयार कर रही थीं। इसी दौरान भीम आर्मी से जुड़े एक व्यक्ति के माध्यम से चंद्रशेखर से संपर्क हुआ। रोहिणी का कहना है कि सामाजिक मुद्दों पर शुरू हुई बातचीत बाद में निजी रिश्ते में बदल गई।
उन्होंने बताया कि विदेश में अकेले रहते हुए वह मानसिक तनाव से गुजरीं और उनके अनुसार दो बार आत्महत्या का प्रयास किया। रोहिणी ने कहा कि माता-पिता के सहयोग से उन्होंने खुद को संभाला और फिर इस मामले में लड़ने का फैसला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें डराने-धमकाने के साथ समझौते और शादी की पेशकश भी की गई, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।
चंद्रशेखर की राजनीति पर भी रोहिणी ने सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में वह जहां से चंद्रशेखर चुनाव लड़ेंगे, वहां उनके खिलाफ आवाज उठाएंगी। हालांकि ये उनके व्यक्तिगत आरोप और राजनीतिक दावे हैं।
रोहिणी ने कहा कि उनके पास आरोपों से जुड़े साक्ष्य हैं, जिन्हें उन्होंने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने के बजाय अदालत में पेश किया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में आने वाली महिलाओं को उनके काम के बजाय चरित्र को लेकर निशाना बनाया जाना गंभीर समस्या है। बहुजन राजनीति पर उन्होंने बसपा और पीडीए का उल्लेख करते हुए चंद्रशेखर की राजनीति को लेकर भी अपनी राय रखी।


