शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के सात जिलों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का अलर्ट जारी किया है। भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन कई क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है।
लगातार बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कई प्रमुख सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। कई इलाकों में नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं, जिससे निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने संवेदनशील गांवों और बस्तियों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। इसी को देखते हुए फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और चट्टानें गिरने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से तत्काल संपर्क करने की सलाह दी है।
बारिश के चलते कई संपर्क मार्ग बाधित हो गए हैं। लोक निर्माण विभाग की टीमें सड़कों से मलबा हटाने में जुटी हैं, जबकि बिजली और पेयजल व्यवस्था भी कई स्थानों पर प्रभावित हुई है। प्रशासन का कहना है कि आवश्यक सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य आपदा राहत एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। पर्यटकों से भी अपील की गई है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें और जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचें।
मानसून के इस दौर ने एक बार फिर हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रबंधन की चुनौती बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण अगले कुछ दिन बेहद संवेदनशील रह सकते हैं। ऐसे में प्रशासन और आम नागरिकों दोनों को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, ताकि किसी भी संभावित हादसे को टाला जा सके।


