लखनऊ: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे की खबर सामने आते ही राजधानी लखनऊ (Lucknow) के इको गार्डन में प्रदर्शन कर रहे युवाओं के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। हजारों छात्र और अभ्यर्थी, जो नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की अगुवाई में प्रदर्शन कर रहे थे, अचानक जश्न मनाने लगे, किसी ने मेलोडी टॉफियां (Melody toffees) बांटी तो किसी ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ लिखे पोस्टर फाड़कर अपनी खुशी जाहिर की।
दोपहर से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर इको गार्डन में जुटे छात्र नारेबाजी कर रहे थे, जैसे ही इस्तीफे की खबर मिली, प्रदर्शन स्थल पर माहौल पूरी तरह बदल गया। युवाओं ने एक-दूसरे को मिठाई और टॉफियां खिलाईं, नारे लगाए और इसे छात्रों की जीत बताया।
प्रदर्शन में शामिल एक युवती ने कहा कि उसे होली और दिवाली से भी ज्यादा खुशी आज हुई है। उसने कहा कि अब घर जाकर इस खुशी का जश्न मनाया जाएगा, कई प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में लिए विरोध के पोस्टर वहीं फाड़ दिए और जीत का उत्सव मनाया।
धरना स्थल पहुंचे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि छात्रों के आंदोलन ने सरकार को झुकने पर मजबूर किया। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए कथित लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा, साथ ही उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर भी कहा कि शिक्षा के मंदिर पर बुलडोजर नहीं चलने देंगे।
प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठनों ने कहा कि यह सिर्फ एक लड़ाई की जीत है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई, लाठीचार्ज में घायल छात्रों को मुआवजा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी दोहराई। इको गार्डन में पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


