विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। इंटरनेट और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती अश्लीलता के खिलाफ केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए पिछले दो वर्षों में 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की भारत में सार्वजनिक पहुंच बंद कर दी है। सरकार का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर कानून का उल्लंघन करते हुए अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जा रही थी, जिससे सामाजिक मूल्यों और डिजिटल व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
यह जानकारी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि सरकार को समय-समय पर विभिन्न माध्यमों से शिकायतें प्राप्त होती हैं। शिकायतों की जांच के बाद यदि कोई डिजिटल प्लेटफॉर्म नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाती है।
सरकार के अनुसार, डिजिटल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 लागू हैं। इन नियमों के तहत ऑनलाइन कंटेंट प्रकाशित करने वाले प्लेटफॉर्म्स को निर्धारित आचार संहिता का पालन करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने पर प्लेटफॉर्म की सार्वजनिक पहुंच बंद करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
लोकसभा में दिए गए जवाब के अनुसार, जिन प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की गई, वे आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 67 और 67ए, भारतीय न्याय संहिता की धारा 294 तथा महिलाओं के अशोभनीय प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1986 के प्रावधानों का उल्लंघन करते पाए गए।
केंद्र सरकार इससे पहले भी कई चरणों में अश्लील सामग्री प्रसारित करने वाले प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई कर चुकी है। पिछले वर्ष ALTT, Ullu, Desiflix सहित कई चर्चित ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बाद वर्ष 2026 में भी कुछ अन्य प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई की गई। ताजा कार्रवाई के साथ पिछले दो वर्षों में बंद किए गए ऐसे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की संख्या बढ़कर 50 हो गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाएगा, लेकिन अश्लीलता, कानून का उल्लंघन करने वाली सामग्री और सामाजिक मर्यादाओं के विपरीत कंटेंट को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी उद्देश्य से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की लगातार निगरानी की जा रही है और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
डिजिटल माध्यमों के तेजी से विस्तार के बीच सरकार का यह कदम ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि मनोरंजन के नाम पर कानून और सामाजिक मर्यादाओं की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।


