फर्रुखाबाद। सहकारिता विभाग ने जिले के किसानों को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि जनपद के 72 सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों पर खरीफ सीजन के लिए यूरिया, डीएपी और एनपीके उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। विभाग के अनुसार किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए लगातार आपूर्ति कराई जा रही है तथा किसी भी केंद्र पर उर्वरकों की कमी नहीं होने दी जाएगी।
खरीफ सीजन में यूरिया का लक्ष्य 5,750 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। जुलाई 2026 तक 3,299 मीट्रिक टन की उपलब्धता रही, जिसमें से 2,683 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में 1,049 मीट्रिक टन यूरिया विभिन्न गोदामों में उपलब्ध है। इसी प्रकार एनपीके का लक्ष्य 2,295 मीट्रिक टन है, जिसमें अब तक 1,657 मीट्रिक टन उपलब्ध कराया गया और 251 मीट्रिक टन वितरण के बाद 1,406 मीट्रिक टन शेष है। डीएपी का लक्ष्य 6,226 मीट्रिक टन निर्धारित है, जिसमें 1,926 मीट्रिक टन उपलब्धता के सापेक्ष 369 मीट्रिक टन वितरण के बाद 676 मीट्रिक टन स्टॉक मौजूद है।
विभाग ने बताया कि वर्तमान में 6,508 मीट्रिक टन यूरिया, 5,748 मीट्रिक टन एनपीके तथा 1,837 मीट्रिक टन डीएपी का आवंटन प्राप्त है, जिसकी आपूर्ति लगातार कराई जा रही है। सभी समितियों को किसानों को निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता ने बताया कि उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 22 जुलाई को सभी विकास खंडों में औचक निरीक्षण किया गया, जबकि 24 जुलाई को पुनः सभी सहकारी विक्रय केंद्रों की जांच कर स्टॉक, वितरण व्यवस्था और बिक्री अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


