नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन (Satya Niketan) में गिरी हॉस्टल (Giri Hostel) की बिल्डिंग के मालिक (building owner) हरिराम बंसल को पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में लिया है। हादसे के बाद से ही हरिराम फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए लुकआउट नोटिस भी जारी किया था। फिलहाल पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस ने साउथ कैंपस थाने में इमारत के मालिक हरिराम बंसल और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर गैर-इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने समेत अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस के मुताबिक, सत्य निकेतन में गिरी इमारत का इस्तेमाल पेइंग गेस्ट (PG) के तौर पर किया जा रहा था। आरोप है कि हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था, जिसके बाद इमारत ढह गई। मामले की जांच में पुलिस की नजर इमारत के मालिक हरिराम पर भी थी। हरिराम की तलाश के लिए दिल्ली पुलिस ने 10 टीमें गठित की थीं। पुलिस टीमें दिल्ली के अलावा कई राज्यों में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थीं। अब पुलिस ने हरिराम को राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में ले लिया है।
सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। अब तक 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें सात छात्रों की मौत की पुष्टि हुई है। कुछ लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। दिल्ली पुलिस के साथ NDRF, दिल्ली दमकल विभाग और DDMA समेत कई एजेंसियां मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे सत्य निकेतन में यह इमारत अचानक ढह गई। हादसे के समय इमारत में कई छात्र मौजूद थे।
इमारत गिरने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुलिस को जानकारी देने के साथ राहत कार्य में भी मदद की। इसके बाद दिल्ली पुलिस, NDRF और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की। अधिकारियों की निगरानी में रेस्क्यू ऑपरेशन को आगे बढ़ाया जा रहा है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर पहला बड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर MCD के एक उपायुक्त समेत पांच अधिकारियों को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, निलंबित अधिकारियों में उपायुक्त, अधिशासी अभियंता (EE), अधीक्षण अभियंता (SE), सहायक अभियंता (AE) और कनिष्ठ अभियंता (JE) शामिल हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को लगातार दूसरे दिन घटनास्थल का दौरा किया और मौके पर चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से हादसे और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी भी ली।


