भाकियू जिलाध्यक्ष अजय कटियार समेत पांच साथियों को पुलिस ने दबोचा, जायेंगे जेल कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन के दौरान गुण्डागर्दी कर होमगार्ड संग अभद्रता के मामले में मुकदमा दर्ज
यूथ इंडिया
फर्रूखाबाद लिंक एक्सप्रेस वे के लिए चल रहे भू अधिग्रहण के कार्य में किसानों के समर्थन में उतरे भाकियू जिलाध्यक्ष अजय कटियार समेत कई पदाधिकारियों द्वारा कलेक्ट्रेट में बीती रात गुण्डागर्दी कर होमगार्ड संग मारपीट करने के मामले में दर्ज हुए मुकदमें में पुलिस ने जिलाध्यक्ष समेत पांच को दबोच जेल भेजने की तैयारी की है। वहीं कई पदाधिकारी फरार होने में कामयाब हो गये। भाकियू नेता लंबे समय से सरकार के विरोध में धरना प्रदर्शन और वयानबाजी के जरिए प्रशासन को बैकफुट पर किये थे। बुधवार की रात नगर मजिस्ट्रेट संग भी जमकर तू-तू मैमै हुई थी। इसके बाद होमगार्ड संग भिडंत पर मिली तहरीर के चलते पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत किया।
फतेहगढ कोतवाली में दर्ज हुए मुकदमें के मुताबिक कलेक्ट्रेट परिसर के मेन गेट पर ड्यूटी के दौरान गेट न खोलने पर किसान नेताओं ने तैनात होमगार्ड शिवपूजन पुत्र भीम सिंह निवासी नगरिया जबाहर थाना राजेपुर के संग २२ जुलाई की रात जमकर अभद्रता की थी।
आरोप है कि जिलाध्यक्ष अजय कटियार पुत्र स्व० राजेन्द्र नाथ कटियार, अभय यादव, अरविन्द शाक्य, अनुज राजपूत, ब्रजेश गंगवार, शिवराम शाक्य, अंकित गंगवार अपने करीब ५०-६० समर्थकों के साथ जिसमें कुछ लोग मोटरसाइकिलों और कार तथा कुछ ट्रैक्टर से कलेक्ट्रेट परिसर एनआईसी गेट पर आये व सभी लोगों के हाथों में लाठी डंडे थे। होमगार्ड ने बताया कि किसान नेताओं को उसने बताया कि अन्दर कोई अधिकारी नही है।
इतने में किसान नेता उससे अभद्रता करने लगे और विरोध करने पर न केवल उससे गाली गलौज की बल्कि जान से मारने की नियत से उसके संग झगडा फसाद भी कर दिया। पुलिस ने होमगार्ड की तहरीर पर जिलाध्यक्ष समेत सात नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने के बाद छह को गिरफ्तार कर लोहिया अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद जेल भेजने की तैयारी की है।
जिलाध्यक्ष व कई का लंबा आपराधिक इतिहास
भाकियू जिलाध्यक्ष अजय कटियार व उनके बसपा नेता भाई विजय कटियार का जनपद के थानों में लंबा आपराधिक इतिहास है। इससे पूर्व उन पर कई संगीन धाराओं के मुकदमें पंजीकृत हैं। अजय कटियार के पिता स्व० राजेन्द्र नाथ कटियार करीब दो दशक तक कांगे्रस पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे उनकी मौत के बाद अजय व उनके भाई विजय को कांग्रेस को अलविदा कह बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम लिया और विजय कटियार सदर विधानसभा से बीते चुनाव में प्रत्याशी भी रहे। बसपा का सत्ता सूरज पूरी तरह अस्त होने के बाद इस परिवार ने भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट का दामन थाम लेने के बाद किसानों की आवाज उठानी शुरू कर दी।


