नई दिल्ली। शिक्षा सुधार और NEET-UG 2026 पेपर लीक समेत परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद सोनम वांगचुक का जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल बुधवार को 18वें दिन में प्रवेश कर गई। लगातार उपवास के कारण उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। रिपोर्टों के अनुसार उनका वजन लगभग 8.5 किलोग्राम तक कम हो चुका है और स्वास्थ्य पर चिकित्सकीय निगरानी रखी जा रही है।
वांगचुक 28 जून से आंदोलन पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करना तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग शामिल है। आंदोलन को विभिन्न सामाजिक संगठनों और कई सार्वजनिक हस्तियों का समर्थन भी मिल रहा है।
इस बीच वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने यह जानना चाहा है कि उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा और आवश्यक चिकित्सकीय सहायता के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
उधर आंदोलन के समर्थन में कुछ संगठनों ने 16 जुलाई को जंतर-मंतर पर एक दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल का भी ऐलान किया है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यापक सुधार की मांग पर अड़े हुए हैं।


