नई दिल्ली। स्वरोजगार को बढ़ावा देने और युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार विभिन्न ऋण योजनाओं के माध्यम से नए उद्यमियों को प्रोत्साहित कर रही है। जिन लोगों के पास व्यवसाय शुरू करने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं है, उनके लिए सरकार आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध करा रही है।
सरकार की प्रमुख योजनाओं में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना , प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और स्टैंड-अप इंडिया योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के तहत छोटे व्यापार, सेवा क्षेत्र, विनिर्माण इकाइयों और नए स्टार्टअप के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। कई योजनाओं में सब्सिडी और बिना गारंटी के ऋण की भी सुविधा दी जाती है।
मुद्रा योजना के तहत छोटे कारोबारियों को अपनी जरूरत के अनुसार ऋण दिया जाता है, जबकि पीएमईजीपी के माध्यम से नया उद्योग स्थापित करने वालों को वित्तीय सहायता और अनुदान का लाभ मिलता है। वहीं स्टैंड-अप इंडिया योजना विशेष रूप से महिलाओं तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों को नया व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराती है।
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। स्वरोजगार को बढ़ावा देकर देश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।


