फर्रुखाबाद। जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित कर अपराधियों को समयबद्ध सजा दिलाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने संयुक्त रूप से अभियोजन समीक्षा बैठक की। बैठक के साथ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) नियमावली के तहत गठित जिला स्तरीय पर्यवेक्षक समिति की बैठक भी आयोजित की गई।
बैठक में जनपद के लंबित और संवेदनशील आपराधिक मुकदमों की बिंदुवार समीक्षा की गई। न्यायालयों में विचाराधीन मामलों की स्थिति, अभियोजन की प्रगति और प्रभावी पैरवी को लेकर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में साक्ष्य समय पर न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं तथा प्रत्येक मुकदमे की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि दोषियों को जल्द और कठोर सजा दिलाई जा सके।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने में अभियोजन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि न्यायालयों में लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध केवल गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि न्यायालय में मजबूत पैरवी भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि विवेचनाओं को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करते हुए अभियोजन पक्ष को सभी आवश्यक साक्ष्य और अभिलेख समय पर उपलब्ध कराए जाएं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
बैठक के दौरान गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों की भी समीक्षा की गई। जिला स्तरीय पर्यवेक्षक समिति ने अपराधियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई, गैंगस्टर एक्ट के प्रकरणों की स्थिति और वैधानिक प्रक्रियाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
बैठक के अंत में डीएम और एसपी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, लंबित मुकदमों का शीघ्र निस्तारण कराने तथा अभियोजन कार्यों की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए पूरी जवाबदेही और गंभीरता के साथ कार्य करें, ताकि आमजन का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत हो।


