फर्रुखाबाद। नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में दोषसिद्ध ठहराया गया आरोपी सजा सुनाए जाने से ठीक पहले न्यायालय परिसर से फरार हो गया। इस घटना ने न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) रितिका त्यागी ने आरोपी के खिलाफ तत्काल गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए पुलिस अधीक्षक को उसकी शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मामले के अनुसार, आरोपी मोहित के खिलाफ नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने, दुष्कर्म करने और पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज था। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और रिकॉर्ड का विस्तृत परीक्षण करते हुए आरोपी को भारतीय न्याय संहिता/भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत दोषी करार दिया।
बताया गया कि दोषसिद्ध घोषित किए जाने के बाद अदालत सजा के बिंदु पर आदेश सुनाने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान आरोपी न्यायालय परिसर से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही अदालत ने तत्काल सख्त रुख अपनाया।
विशेष न्यायाधीश ने आरोपी के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी करने के साथ उसके जमानतदारों को भी नोटिस जारी कर जवाब तलब करने के आदेश दिए। साथ ही पुलिस अधीक्षक, फर्रुखाबाद को पत्र भेजकर आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुकदमे में अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह राजपूत ने प्रभावी पैरवी करते हुए अदालत के समक्ष साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। अदालत ने अभियोजन के साक्ष्यों को पर्याप्त और विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।
अब पुलिस आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी कर रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अदालत में सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी और उसके बाद दंड का निर्धारण किया जाएगा।


