आजमगढ़। जनपद को नए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ ) के रूप में आईएएस डॉ. राकेश कुमार पटेल मिल गए हैं। कार्यभार ग्रहण करते ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उनकी प्राथमिकता कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला विकास होगा। पदभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने विकास भवन में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक की, अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति का ब्योरा लिया और लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
नवनियुक्त सीडीओ ने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार से शिष्टाचार भेंट कर जनपद की विकास योजनाओं, शासन की प्राथमिकताओं और प्रशासनिक समन्वय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ. पटेल ने विकास भवन का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न शाखाओं में अभिलेखों का अवलोकन किया और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि किसी भी योजना की प्रगति केवल फाइलों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका लाभ गांव-गांव और पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचे।
उन्होंने विशेष रूप से मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (स्वयं सहायता समूह), पंचायत राज, जल संरक्षण, सड़क निर्माण तथा ग्रामीण आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया। साथ ही प्रत्येक विकास कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
प्रशासनिक अनुभव बना बड़ी ताकत
डॉ. राकेश कुमार पटेल वर्ष 2010 बैच के उत्तर प्रदेश पीसीएस अधिकारी हैं। लगभग 16 वर्षों के प्रशासनिक अनुभव के बाद उन्हें जून 2026 में प्रमोशन से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस ) में पदोन्नत किया गया। उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट सीतापुर , अपर जिलाधिकारी कासगंज, अपर जिलाधिकारी (नगर) अलीगढ़, मुख्य राजस्व अधिकारी प्रतापगढ़ तथा लखनऊ मंडल में अपर आयुक्त (न्यायिक) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं।
शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से गहरा जुड़ाव
महराजगंज के मूल निवासी डॉ. पटेल ने गोरखपुर विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू ), नई दिल्ली से उच्च शिक्षा प्राप्त की तथा समाजशास्त्र विषय में पीएचडी की है। प्रशासनिक अधिकारी होने के साथ-साथ वे हिंदी के चर्चित साहित्यकार और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं।
जनपद में नए सीडीओ के आगमन से विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश मिल चुका है कि अब फाइलों की गति नहीं, विकास की रफ्तार ही प्रशासन के प्रदर्शन का पैमाना होगी। जनता की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि नए नेतृत्व में योजनाओं का लाभ कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ गांव-गांव तक पहुंचता है।


