– एलडीए का बड़ा एक्शन, 15 मौतों के बाद जिम्मेदारों पर शिकंजा
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद अब लखनऊ विकास प्राधिकरण ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है। जिस तीन मंजिला भवन में आग लगने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी, उसके मालिक को ध्वस्तीकरण की नोटिस जारी करते हुए 15 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया गया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो भवन को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
एलडीए की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस भवन को आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृति मिली थी, उसका उपयोग कथित रूप से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। भवन में एनीमेशन एवं गेमिंग इंस्टीट्यूट, पेट शॉप और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं, जो स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बताई जा रही हैं।
2016 में भी जारी हुआ था ध्वस्तीकरण आदेश
जांच में यह भी सामने आया है कि इसी भवन के खिलाफ वर्ष 2016 में भी अवैध निर्माण को लेकर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया था। हालांकि, दो महीने के भीतर ही यह आदेश वापस ले लिया गया। अब एलडीए उस समय की पूरी प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रहा है।
22 जून को अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 9 लोग घायल हुए थे। प्रारंभिक जांच में भवन में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) का अभाव तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं।
मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें भवन स्वामी और संस्थान से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोग शामिल हैं। वहीं, एलडीए ने अपने उन अधिकारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है, जिनकी कथित लापरवाही के कारण वर्षों तक आवासीय भवन में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती रहीं।
अलीगंज हादसे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में अग्नि सुरक्षा और भवन मानकों की जांच का विशेष अभियान शुरू किया। विभिन्न जिलों में कार्रवाई के दौरान करीब 48 कोचिंग संस्थानों पर सीलिंग और अन्य कार्रवाई की गई। कानपुर, वाराणसी, नोएडा, फर्रुखाबाद, आगरा, प्रयागराज, मेरठ, बरेली सहित कई जिलों में निरीक्षण अभियान चलाया गया।
एलडीए ने स्पष्ट किया है कि भवन स्वामी का जवाब मिलने के बाद नियमानुसार अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि भवन निर्माण नियमों और उपयोग संबंधी मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के साथ-साथ अन्य कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे। वहीं, इस हादसे के बाद प्रदेशभर में कोचिंग संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है।


