लखनऊ
प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। सोमवार को दक्षिणी और पूर्वी जिलों में हुई वर्षा से लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश का दायरा और बढ़ेगा तथा प्रदेश के कई जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ ही तेज हवाओं, गरज-चमक और वज्रपात को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब अवदाब में बदल चुका है। इसी प्रणाली के प्रभाव से 7 जुलाई से दक्षिणी उत्तर प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज होंगी। वहीं 7 से 12 जुलाई के बीच पूर्वांचल और तराई के कई जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
सोमवार को मिर्जापुर और हमीरपुर में 120 मिमी, लखीमपुर खीरी में 114 मिमी, औरैया में 68.8 मिमी तथा जालौन में 60 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा वाराणसी, प्रयागराज, चुर्क, बांदा और झांसी सहित कई अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश हुई। लगातार हो रही वर्षा से किसानों के चेहरों पर खुशी है, क्योंकि इससे खरीफ फसलों की बुवाई और सिंचाई में मदद मिलेगी। हालांकि कुछ क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की भी खबरें सामने आई हैं।
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना भी व्यक्त की गई है। विभाग का अनुमान है कि अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है, जिससे पूरे प्रदेश में मौसम सुहावना बनेगा और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।


